- बढ़ते वजन के कारण स्वास्थ्य समस्याओं से राहत पाने घंटों बहा रही हैं पसीना
कठुआ। बदलती जीवनशैली और बढ़ते वजन की समस्याओं के बीच महिलाओं में जिम जाने का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। अब महिलाएं न केवल फिटनेस को लेकर जागरूक हो रही हैं, बल्कि घंटों जिम में पसीना बहाकर अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही हैं। यह बदलाव न केवल सौंदर्य के नजरिए से है, बल्कि गंभीर बीमारियों से राहत पाने की कोशिश भी है।
फिजिकल ट्रेनर शाहिना अख्तर बताती है कि नियमित जिम वर्कआउट से मोटापा, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, थायरॉयड, पीसीओडी और हृदय रोग जैसी समस्याओं में काफी राहत मिलती है। साथ ही, यह तनाव को कम करने, नींद को बेहतर बनाने और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में भी सहायक है। महिलाओं का इस ओर बढ़ता रुझान न केवल उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि समाज में फिटनेस के प्रति जागरूकता फैलाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि वह खुद इसका इसका जीवंत उदाहरण हैं। कभी उनका वजन 105 किलो तक पहुंच गया था, जिससे उन्हें पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। बढ़ते वजन के कारण उन्हें उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने जिम जाना शुरू किया और नियमित वर्कआउट को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। अब वह अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और नियमित व्यायाम को अपनाएं।
शाहिना कहती हैं कि शुरुआत मुश्किल थी, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। जिम ने मुझे न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाया, बल्कि मानसिक रूप से भी आत्मविश्वास दिया। जिसका परिणाम यह रहा कि आज वह न केवल फिट हैं, बल्कि बेंच प्रेस और डेड लिफ्ट में माहिर होकर मास्टर्स वर्ग में जिला चैंपियन भी बन चुकी हैं।