गोल्ड मेडल हासिल करती इनायत अजीजस्वयं
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बिलावर की पहली लड़की ने उठाया 120 किलो भार
हाल ही में 12वीं पास कर बीएससी नर्सिंग में लिया है दाखिला
कठुआ/बिलावर। कोहग गांव की इनायत अजीज वेटलिफ्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बना रही है। छह महीने पहले उसने फिंतर बिलावर में जिम जाना शुरू किया। रोजाना चार घंटे के सफर में दो घंटे आने और दो घंटे जाने में लग जाते थे। इनायत ने हाल ही में 12वीं पास की है और बीएससी नर्सिंग में दाखिला लिया है। उसने बिना किसी संसाधन, बिना पिता के साए और सीमित आर्थिक हालात के बावजूद जगह बनाई है।
उनके परिवार में मां और भाई हैं। भाई निजी काम करते हैं जिससे घर का खर्च चलता है। शुरुआत में न माहौल था, न समर्थन लेकिन इनायत ने हार नहीं मानी। अपने शौक को जिद बना लिया और धीरे-धीरे परिवार भी उनके साथ खड़ा हो गया। इनायत अब अंडर-19 वर्ग में 120 किलो तक भार उठा रही है। वह बिलावर से इस स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली पहली लड़की है। पहली बार उसने जम्मू में आयोजित प्रदेश स्तरीय डेडलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भाग लला। तीन प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लिया तो दो में स्वर्ण पदक जीतकर सबको चौंका दिया। उन्होंने 100 किलो और 120 किलो वजन उठाकर अपने मेहनत का लोहा मनवाया। उनकी इस सफलता में उनके जिम ट्रेनर विक्की ठाकुर का अहम योगदान रहा। उन्होंने न सिर्फ तकनीक सिखाई बल्कि इनायत को मंच तक पहुंचने का रास्ता भी दिखाया।
सपनों से बड़ी दुनिया और उससे भी बड़ा इरादा
इनायत का सपना सिर्फ अपनी जीत तक सीमित नहीं है। वह चाहती है कि दूर-दराज की लड़कियां भी आगे आएं सपने देखें और उन्हें पूरा करें। उनका संदेश साफ है कि दुनिया बड़ी है लेकिन सपनों को पूरा करने के लिए घर से निकलना होगा। सरकार से मदद की उम्मीद है ताकि संसाधनों की कमी किसी के हौसले को न तोड़ सके।