बिलावर। डुंगाडा गांव के युवा खिलाड़ी इन दिनों खेतों को ही अपना खेल मैदान मानकर अभ्यास करने को मजबूर हैं। गांव में खेल मैदान की सुविधा न होने के कारण क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं को हर दिन खेतों में ही पसीना बहाना पड़ता है। लेकिन जब खेतों में फसल लगी होती है तो उनके पास अभ्यास का कोई विकल्प नहीं बचता।
स्थानीय युवाओं का कहना है कि सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है लेकिन डुंगाडा गांव आज भी बुनियादी खेल सुविधाओं से वंचित हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि अभ्यास की कमी के कारण वे प्रतियोगिताओं में पिछड़ जाते हैं जबकि उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। गांव के युवाओं ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि उनके गांव में जल्द से जल्द एक खेल मैदान बनाया जाए।
केहर सिंह
केहर सिंह
केहर सिंह