संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जीडीसी कठुआ की एनएसएस इकाइयों की ओर से राष्ट्रीय संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर एक शपथ का आयोजन किया गया। शपथ का वाचन एनएसएस स्वयंसेवक निकिता शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों का प्रसार और जागरूकता पैदा करना था, जो भारत के संविधान के तहत प्रदान किए गए हैं।
इस तरह के कार्यक्रम से ग्रामीण नागरिकों में उनके कर्तव्यों के अधिकार के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर प्रो. सीमा मीर प्रिंसिपल जीडीसी कठुआ ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में हर साल 26 नवंबर को हमारे देश में राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था, जो 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को भारत सरकार के जश्न मनाने के फैसले को अधिसूचित किया। नागरिकों के बीच संविधान मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए हर साल 26 नवंबर को ''संविधान दिवस'' के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में और संविधान के संस्थापक डॉ. बीआर आंबेडकर के अमूल्य योगदान को सम्मान और श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है। पूरा कार्यक्रम प्राचार्य प्रोफेसर सीमा मीर के संरक्षण और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर मनमोहन सिंह, प्रोफेसर नेहा बंद्राल और डॉ. कुलबीर सिंह की देखरेख में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. राज किरण शर्मा, डॉ. दिनेश जसरोटिया, डॉ. शिवानी कोटवाल, डॉ. उपासना अंडोत्रा, डॉ. अमरीक सिंह, डॉ. कौरब सिंह, डॉ. कमलदीप सिंह और एनएसएस के 100 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।