संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। रावी दरिया में क्रशरों को बंद कराए जाने के बाद बेरोजगार हुए ट्रैक्टर ट्राली यूनियन के सदस्यों ने प्रशासन से उनकी समस्या का जल्द समाधान किए जाने की मांग की है। शुक्रवार को डीसी कार्यालय पहुंचे यूनियन के सदस्यों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि क्रशरों का काम बंद कराए जाने से जहां एक रूप और उनके सामने रोजगार की समस्या आ गई है। वहीं लोगों को भी अपने निर्माण कार्य के लिए बिल्डिंग मैटेरियल महंगे कामों पर खरीदना पड़ रहा है। लिहाजा इस मसले पर प्रशासन जल्द संज्ञान ले।
इस मौके पर यूनियन के प्रधान दीपक शर्मा ने बताया कि रावी दरिया स्थित स्टोन क्रशरों से पंजाब और देश के अन्य प्रदेशों में जाने वाले बिल्डिंग मैटेरियल का उन लोगों ने ही विरोध किया था। लेकिन प्रशासन ने जम्मू कश्मीर से बिल्डिंग मैटेरियल के बाहर जाने पर रोक लगाई जाने के बजाय दरिया में स्थित स्टोन क्रशरों को ही बंद करवा दिया है। इसके कारण करीब 2 महीने से 1 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्राली चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले लोग बेरोजगार हो गए हैं। इसके अलावा निर्माण सामग्री न मिलने से कारण लोगों के घरों का काम भी बंद हो चुका है। वहीं अगर कोई उज्ज दरिया से निर्माण सामग्री मंगवाता भी है तो उसे वह काफी महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर स्टोन क्रशरों को बंद किया गया है तो उसका खामियाजा सिर्फ स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। जबकि बड़े निर्माण के लिए निरंतर खनन सामग्री का उपयोग चलता ही जा रहा है। चाहे वह एक्सप्रेस वे का निर्माण हो या अन्य कोई काम। उन्होंने प्रशासन से स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए रवि दरिया के स्टोन क्रशरों को चलाए जाने की मांग की है। इस मौके पर मक्खन लाल, अशोक कुमार, नूर हुसैन, बंटी कुमार आदि भी मौजूद रहे।