फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: जिले में धान की खरीद के लिए स्थापित हुए 11 खरीद केंद्र

Fri, 06 Oct 2023 06:30 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
विज्ञापन
विज्ञापन
पंकज मिश्रा
विज्ञापन

कठुआ। जिले में गत वर्ष निर्धारित लक्ष्य से पिछड़ने के बाद इस साल कृषि विभाग ने एक बार फिर धान रिकार्ड खरीद करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से जिले में इस बार धान खरीद के 11 केंद्रों की सभी व्यवस्था को पूरा कर लिया है। जिले में फिलहाल अभी धान की कटाई का दौर शुरू नहीं हो पाया है जिसके कारण अभी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। लेकिन विभाग पूरी उम्मीद लगाकर बैठा है कि इस बार वह एक बार फिर अपने ही रिकाॅर्ड को तोड़कर संभाग में सबसे ज्यादा धान खरीद करने वाला जिला बनेगा।

दरअसल जिले में 28339 हेक्टेयर क्षेत्र में होने वाली धान की खेती से करीब 105421 मीट्रिक टन धान का उत्पादन होता है। ऐसे में खरीद के लिए अपार संभावना है। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के दौर में पहली बार जिले में आठ धान खरीद केंद्रों के माध्यम से कुल 2 लाख 419 क्विंटल धान की खरीद की गई। हालांकि पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जिले में कभी भी 75 हजार क्विंटल से ज्यादा धान खरीद नहीं हुआ था। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में किसानों के सरकारी धान खरीद केंद्र के रुझान को देखते हुए वर्ष 2021 में जिले में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाते हुए इसे दस कर दिया। जिसका परिणाम यह रहा कि इस वर्ष 2 लाख 51 हजार 26 क्विंटल धान की खरीद हुई।
विज्ञापन


दो वर्ष लगातार संभाग में सबसे ज्यादा धान की खरीद होने से उत्साहित विभाग ने वर्ष 2022 में जिले में 11 खरीद केंद्र खोलकर 3 तीन लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया। खरीद को लेकर विभाग के उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले में शुरू हाेने वाली इस खरीद का शुभारंभ करवाने के लिए कृषि निदेशक केके शर्मा कठुआ पहुंचे थे। जिन्होंने किसानों को दी जाने वाली सहूलियतों की घोषणा करते हुए कहा था कि खरीद केंद्र पर फसल की तौल होने के 72 घंटे के बाद डीबीटी के माध्यम से किसान को उसके फसल के दाम दिए जाएंगे। इसके अलावा खरीद केंद्र पर किसानों के बैठने, पेयजल व बिजली की व्यवस्था करने के साथ खराब मौसम होने की स्थिति में फसल को बचाने के इंतजामों की भी घोषणा की थी। लेकिन इन सभी इंतजामों के बावजूद विभाग केवल 1 लाख 85 हजार 980 क्विंटल ही धान खरीद कर पाया था। जबकि मौजूदा खरीद सीजन की बात करें तो विभाग ने गत वर्ष की असफलता को देखते हुए अपने खरीद लक्ष्य को कम करते हुए इस बार दो लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिले में 11 खरीद केंद्र सक्रिय हो चुके हैं। हालांकि जिले में धान की कटाई अभी अपने प्रारंभिक दौर में ही है जिसके कारण अभी तक किसी भी खरीद केंद्र में कोई खरीद नहीं हुई है। लेकिन विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए आशान्वित दिखाई दे रहा है।

इस बारे में जिला कृषि अधिकारी एक्सटेंशन मुरारी लाल डींगरा कहना है कि विभाग जिले में धान की खरीद को रिकाॅर्ड स्तर पर पहुंचाने का हर संभव प्रयास भी कर रहा है। धान खरीद केंद्र पर किसानों की मदद के लिए विभाग के चार कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। जो किसानों की हर मदद के लिए मौजूद रहेंगे। वहीं, पूर्व की भांति वह खुद खरीद के लिए नोडल अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार द्वारा धान की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घाेषणा करते हुए ग्रेड-ए के लिए 2203 रूपया प्रति कुंतल और कामन धान के लिए 2183 रुपया प्रति कुंतल निधार्रित कर दिया है। जो कि गत वर्ष की तुलना में 143 रूपया प्रति कुंतल बढ़ा है। ऐसे में उम्मीद की जाती है कि किसानों का रुझान सरकारी खरीद केंद्र की ओर बढ़ेगा।
विज्ञापन


-
इस बारे में किसान नेता सेवाराम का कहना है कि जिले में धान खरीद विभाग के निर्धारित लक्ष्य से कई गुना ज्यादा हो सकती है लेकिन अभी तक इसके लिए जमीन स्तर पर प्रयास नही किए गए है। मौजूदा समय में होने वाले धान उत्पादन को देखते हुए जिले में 15 ऐसी मंडियों की व्यवस्था हो जहां हर साल होने वाली खरीद संभव हो पाए। रावी दरिया स्थित भागथली खरीद केंद्र को छोड़कर जिले में खुलने वाली मंडियों को ठेकेदार लोगों के खेत में ही लगाते है। जहां कई-कई दिनों तक किसानों के धान की कई बार भारतीय खाद्य निगम द्यारा बोरियां उपलब्ध न कराए जाने से खरीद प्रभावित रहती है। वहीं, खरीद केंद्रों पर मौसम की मार से फसल को बचाने के इंतजाम नहीं होते हैं। गत वर्ष होने वाली खरीद भी बारिश से प्रभावित रही है। जहां अपनी मेहनत की कमाई को बर्बाद होता देख मजबूर किसानों ने खरीद केंद्र से उठाकर फसल निजी डीलरों को बेची थी। अगर सरकार किसानों को खरीद केंद्र की ओर मोड़ना चाहती है तो उसे वहां बेहतर इंतजाम करने होगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें