संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। उधमपुर के बाद अब कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम बदले जाने की मांग उठने लगी है। शुक्रवार को आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार से जिला मुख्यालय के इस स्टेशन का नाम शहीद कैप्टन सुनील चौधरी के नाम पर रखे जाने की मांग की है।
पत्रकारवार्ता में शामिल हरिपाल सिंह जसरोटिया ने तर्क देते हुए कहा कि गोविंदसर चक राम चंद के सच्चे सपूत कैप्टन सुनील चौधरी ने हमारे महान राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देकर लोगों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ी है। हमारे देश की रक्षा के प्रति उनकी वीरता और प्रतिबद्धता ने उन्हें न केवल अपने साथी नागरिकों का सम्मान दिलाया है, बल्कि हमारे सैन्य इतिहास के इतिहास में भी गौरव का स्थान दिलाया है। लिहाजा इसी गांव में स्थित कठुआ रेलवे स्टेशन का नाम भी शहीद कैप्टन सुनील चौधरी के नाम पर किया जाए। आगे उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत मांग नही है बल्कि इसमें कठुआ के डोगरा एकता मंच, युवा राजपूत सभा, जय जसरोटा फोर्ट स्वाभिमान मंच कठुआ डेवलपमेंट फ्रंट और जम्मू कश्मीर एक्स सर्विसेज वेलफेयर एसोसिएशन के साथ आम लोगों की मांग है। वह इस बारे में लोगों की मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए शनिवार को डीसी को एक ज्ञापन सौंपेंगे। उपराज्यपाल के नाम भेजे जाने वाले इस ज्ञापन के माध्यम से लोगों की भावना सरकार तक पहुंचाई जाएगी। इस मौके पर शहीद के पिता सेवानिवृत्त कर्नल पीएल चौधरी ने शहीद कैप्टन को याद करते हुए बताया कि 27 जनवरी 2008 को असम के तिनसुकिया जिले के एक गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली। कैप्टन सुनील कुमार चौधरी स्वेच्छा से अपनी टीम के साथ मिशन पर निकले और गांव पहुंचे। कैप्टन सुनील कुमार चौधरी ने आतंकवादियों से लड़ते हुए असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया और सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके लिए कैप्टन सुनील कुमार चौधरी को कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया है। उनकी इस देश के प्रति सेवा को याद करने के लिए लोग अगर मांग करते हें तो वह इसका समर्थन करेंगे। इस मौके पर कठुआ व्यापार मंडल के प्रधान जंग बहादुर और शिवसेना डोगरा फ्रंट के प्रधान नरेंद्र तांगडी ने कठुआ रेलवे स्टेशन के नाम को बदले जाने की मांग की।