संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ/लखनपुर। भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने पहुंचे फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सदियों पहले शंकराचार्य जी ने यात्रा शुरू की थी कन्याकुमारी से कश्मीर तक और राहुल दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं जो यह यात्रा कर रहे हैं। कहा कि नफरतों को खत्म करना है। हमारी भाषा संस्कृति अलग है, लेकिन भारत एक है। राहुल गांधी देश को जोड़ने की कोशिश कर रहे है। कोशिश है हमारी भावी पीढ़ी भी उस भारत को देख सके जिसे महात्मा गांधी चाहते थे, जो नेहरू और शेर ए कश्मीर चाहते थे। यही बातें मंच पर भावुक होकर उन्होंने राहुल गांधी के सामने भी कही। वहीं, उन्होंने कहा कि वे भाजपा से हाथ जोड़ कर अपील करते हैं कि मुल्क जोड़ने की यात्रा है सियासत की यात्रा नहीं है। वतन जोड़ना है और उनको भी इसके साथ होना चाहिए।
अब्दुल्ला ने कहा कि रॉ या आईबी का सबसे बड़ा अधिकारी दुल्लत, जनरल कपूर आखिर इस यात्रा में क्यूं शामिल हुए। क्योंकि हमें बाहर के दुश्मन का डर नहीं जितना भीतर के दुश्मनों का डर है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जम्मू कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे को लेकर राहुल गांधी से वो बात नहीं करेंगे क्योंकि फिलहाल वो देश की एकता के लिए यात्रा कर रहे हैं। सरकारी जमीनों से कब्जे हटाए जाने के सरकारी फरमान पर उन्होंने कहा कि सही सरकार आएगी तो सब बदल जाएगा तब सब कानून उल्टे जाएंगे। इससे पहले वे नेकां के पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ बस में सवार होकर जम्मू से लखनपुर पहुंचे।