कठुआ। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कठुआ जिले में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के साथ आयोजित दिशा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अवैध खनन से कीरियन-गड़ियाल पुल और एक्सप्रेसवे कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजनाओं की नींव को खतरा उत्पन्न हो रहा है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से संभव हुई हैं।
उन्होंने एसएसपी और जिला खनन अधिकारी से अवैध खनन के मामलों की रिपोर्ट मांगी और पूछा कि 50 हजार तक का जुर्माना क्यों घटाकर न्यूनतम कर दिया गया है, जिससे अपराधियों को प्रोत्साहन मिला है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि चाहे कोई राजनीतिक पदाधिकारी हो या उच्च पद पर हो, अवैध खनन में संलिप्त व्यक्ति को कानून के तहत सजा दी जाए और सार्वजनिक रूप से नाम उजागर किया जाए।
डॉ. सिंह ने नशे की बढ़ती समस्या पर भी चिंता जताई और इसके समाधान के लिए प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधियों और नागरिक समाज के सदस्यों की संयुक्त समिति गठित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि 1920 के दशक में महाराजा द्वारा कल्पित उच्च परियोजना को पुनर्जीवित किया गया है। यह परियोजना 90,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी और पाकिस्तान की ओर बहने वाले अतिरिक्त जल को रोकने के लिए वैकल्पिक योजना बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त शाहपुर कंडी परियोजना का अंतिम चरण 15 सितंबर तक पूरा होगा और इससे बिजली उत्पादन शुरू होगा। बरोड़ी में देश का 11वां और उत्तर भारत का पहला औद्योगिक बायोटेक पार्क भी अगले कुछ सप्ताह में कार्यशील होगा, जिससे युवाओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई की सहायता से कठुआ मेडिकल कॉलेज में कैंसर उपचार और रेडिएशन सुविधा को उन्नत किया जा रहा है। लखनपुर से डोडा तक बनने वाली सड़क परियोजना में बाला सुंदरी मार्ग को भी शामिल किया गया है, जिससे कठुआ से बिलावर की दूरी घटकर 30-40 मिनट रह जाएगी।
मंत्री ने बताया कि कठुआ देश का पहला जिला बना है जहां सीमा क्षेत्रों में 2,000 पारिवारिक बंकर बनाए गए हैं। अब 1,048 अतिरिक्त बंकर प्रस्तावित हैं, जिससे कुल संख्या 3,000 तक पहुंच जाएगी। उत्तर भारत का पहला होम्योपैथी कॉलेज भी कठुआ में स्वीकृत हुआ है, जो पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी सेवा देगा।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम आवास योजना, समग्र शिक्षा, पीएम स्वनिधि, पीएम मुद्रा योजना, मनरेगा, आयुष्मान भारत, बागवानी, पशुपालन और ट्यूबवेल परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान विधायक जसरोटा राजीव जसरोटिया, सहित अन्य विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे।