कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट बिलावर ने भरण-पोषण याचिका में पत्नी और उसके तीन नाबालिग बच्चों को प्रति माह सात हजार की राशि देने का पति को आदेश दिया है। आदेश के अनुसार पति को 2500 रुपये की राशि पत्नी को जबकि 1500 प्रत्येक बच्चे को प्रति माह देना है। यह राशि याचिका की तारीख से लागू होगी।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता कानूनी रूप से पत्नी है और उसके तीनों बच्चे नाबालिग हैं। लिहाजा पति के पास पर्याप्त आय होते हुए भी उसने पत्नी को को छोड़ दिया और उसकी कोई मदद नहीं की। इसके चलते याचिकाकर्ता खुद बच्चों को पालने में असमर्थ है। लिहाजा पति को उनके भरण-पोषण के लिए इस राशि को हर महीने उपलब्ध करवाने का आदेश दिया गया।
कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार याचिकाकर्ता पत्नी ने बीते साल 10 दिसंबर 2024 को मुंसिफ कोर्ट बिलावर में बीएनएसएस की धारा 144 के तहत याचिका दायर कर पति से भरण-पोषण की मांग की थी। इसमें याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उसके पति ने विवाह के 17 साल बाद उसे छोड़ दिया है। इस मामले को लेकर पूर्व में अदालत में समझौता हुआ था कि वह पत्नी के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगा लेकिन इसके बावजूद उसने पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया।