-रोजाना 9 से 11 घंटे बिजली कटौती, सुबह 6 से 10 बजे के कट से लोग सबसे ज्यादा परेशान
-शेड्यूल के साथ अघोषित कट भी लग रहे, मरम्मत के नाम पर भी बंद रखी जा रही बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। त्योहारी सीजन में भी लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। रोजाना 9 से 11 घंटे कट लगाए जा रहे हैं। सुबह 6 से 10 बजे वाले कट से लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। अघोषित कट भी लग रहे हैं। मरम्मत के नाम पर भी बिजली बंद रखी जा रही है। कुछेक इलाकों में 7 से 11 बजे तक बिजली कट लगाया जाता है। लोगों का कहना है कि बिजली की जगह विभाग समस्याओं की सप्लाई कर रहा है।
लोगों का कहना है कि प्रतिदिन चार से छह घंटे कट तो टूटे तार जोड़ने और खराबी ढूंढने के नाम पर लग रहे हैं। कई स्थानों पर कम वोल्टेज की समस्या भी रहती है। यह हालात तब हैं जब बिजली खपत गर्मियों के मुकाबले कम है। सबसे ज्यादा समस्या जल आपूर्ति की है। पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इससे हर वर्ग परेशान है। बता दें, जेपीडीसीएल के जारी शेड्यूल में जिले के कई इलाकों में मरम्मत के नाम पर बिजली बंद रखने की सूचना दी जाती है। कुछ इलाकों में सुबह 6 से 10 और 7 से 11 बजे तक कट लगता है। एक महीना पहले आई आंधी का अभी प्रभाव
एक महीना पहले आंधी से जिले में 100 के करीब खंभे और ट्रांसफार्मर गिर गए थे। एक सप्ताह तक शहर के बड़े क्षेत्र में बिजली ठप रही थी। विभाग ने उक्त खंभों को रिप्लेस किया। लेकिन, वार्ड 2, नगरी और जराई के कुछेक स्थानों पर खंभे अभी गिरे हैं। हालांकि, घरों तक किसी तरह बिजली आपूर्ति की जा रही है। रिपेयर के चलते भी कट लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार बारिश से सभी खंभे रिप्लेस नहीं हो पाए हैं।
आम दिनों में भी अघोषित कटौती शहर की नियति बन चुका है। इस बार तो नवरात्र में भी अघोषित कटौती होती रही है। अब भी कट लगाए जा रहे हैं, जिससे घरेलू काम के अलावा कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
-अंजू शर्मा, गृहिणी
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अघोषित कटौती से सभी दुकानदार प्रभावित हैं। लेकिन पूरी तरह से बिजली पर आश्रित इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक कारोबारी सबसे ज्यादा परेशान हैं। भले ही लोगों ने दुकानों पर इन्वर्टर लगा रखे हैं। लेकिन वह 50 फीसदी जरूरत को पूरा कर नहीं पाते। विभाग व्यवस्था को सुधारे।
-विनय कुमार, इलेक्ट्रॉनिक सामान विक्रेता व मैकेनिक
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2015 में शहर में केबलिंग का काम शुरू हुआ था तो सत्ता में बैठे भाजपा नेताओं ने आश्वासन दिया था कि काम पूरा होने पर 24 घंटे बिजली सप्लाई मिलेगी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। नवरात्र में भी अघोषित कट लगाए गए। भाजपा नेता चुप हैं। इससे बेहतर तो पूर्व की सरकारों में व्यवस्था सही थी। -विक्रमजीत वर्मा, वार्ड 14
कोट
-आंधी के बाद हुए नुकसान की भरपाई की जा रही है। अधिकतर खंभे रिप्लेस कर दिए हैं। बाकी का का काम जारी है। खराबी आने पर रिपेयर के लिए ही कटौती की जाती है। शेड्यूल कटौती सब ट्रांसमिसन डिवीजन और ग्रिड की ओर से की जाती है।
-सुनील शर्मा, सहायक कार्यकारी अभियंता, पीडीडी
-बिजली कट का आदेश जरूरत के हिसाब से मिलता है। केवल कठुआ नहीं हर जिले में कट लगाए जा रहे हैं। फ्रीक्वेंसी कम होने पर भी उच्चाधिकारियों के आदेश पर कट लगाना पड़ता है। इसके लिए पहले से शेड्यूल तय नहीं होता।
-दौलत राम, सहायक कार्यकारी अभियंता, ग्रिड