नियमित किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते जलशक्ति विभाग के अस्थाई कर्मचारी। संवाद
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कठुआ। पिछले लगभग छह महीने से जारी हड़ताल के बावजूद जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में हड़ताली अस्थायी कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कठुआ स्थित विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में जमा हुए हड़ताली कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया और सरकार से अस्थायी कर्मचारियों को जल्द नियमित करने की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी नेता पुष्पराज ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में उनके 22 हजार साथी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। महंगाई के दौर में मिल रहे मानदेय से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार दो दशक की सेवा पूरी कर चुके अस्थायी कर्मचारियों को भी नियमित नहीं कर रही है। उन्होंने विभाग से पांच साल के बकाया मानदेय को देने की मांग की। वहीं, प्रदर्शनकारियों में शामिल जयदेव ने कहा कि सरकार अभी उनके मसलों को हल करने के बजाए उन्हें कमेटियां गठित कर भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों से वह लोग अपनी सेवा विभाग को दे रहे हैं। जिसका सारा रिकार्ड विभाग के पास उपलब्ध है ऐसे में सरकार कमेटियों को बैठाकर एक बार फिर अस्थायी कर्मचारियों को बरगलाने का प्रयास कर रही है, जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदर्शन में नरेश सिंह, हीरा सिंह, दर्शन सिंह, सुरजीत सिंह, बलविंद्र कुमार, राजेश्वर सिंह उपस्थित रहे।