तीन माह से बंद था काम, डायवर्जन के चलते बरवाल मोड़ के पास 62 वर्षीय व्यक्ति की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाल मोड़ के पास 62 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद आखिरकार राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) फिर से जाग गई है। निर्माण कंपनी ने तीन माह से बंद पड़ा फ्लाईओवर के काम शुरू कर दिया है। इससे शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। फ्लाईओवर का निर्माण इसी वर्ष की शुरुआत में आरंभ हुआ था। गड्ढा खोदने के बाद यातायात को सिंगल लेन में डायवर्ट करने कर दिया था। इसके बाद किन्हीं कारणों से काम बंद हो गया, लेकिन डायवर्जन जारी रहा।
ऐसे में सड़क हादसों में इजाफा हो गया था। कुछ ही दिन पहले एक व्यक्ति की जान तक चली गई थी। इस खबर को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद हरकत में हुए निर्माण कंपनी ने शनिवार सुबह फ्लाईओवर का काम शुरू करवा दिया है।
बुधवार को गई थी एनिमल हसबेंडरी के पूर्व कर्मी की मौत
बुधवार सुबह करीब 10 बजे एनिमल हसबेंडरी के पूर्व कर्मी हरमिंदर लाल अपने घर से जंगलोट सैन्य शिविर में जाने के लिए स्कूटी से निकला था। हाईवे पर निर्माण कार्य के चलते डायवर्जन को जैसे ही उसने पार करने का प्रयास किया तो जम्मू की ओर से आ रही बस ने टक्कर मार दी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे जीएमसी कठुआ लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत लाया घोषित कर दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे के सुस्त निर्माण को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
43.6 किमी लंबे हाईवे पर 12 जगह डायवर्जन
पठानकोट-जम्मू नेशनल हाइवे पर चल रहे विस्तारीकरण और फोरलेन निर्माण कार्य के कारण कई स्थानों पर वाहनों को एक ही तरफ से निकाला जा रहा है। करीब 43.6 किलोमीटर लंबे हाईवे पर 12 जगह ट्रैफिक को सर्विस लेन या एक तरफ के रोड पर डायवर्ट किया गया है। यहां वाहन रेंगते नजर आते हैं। इनमें हटली मोड़, कालीबड़ी, लोगेट मोड़, बरनोटी, घाटी, राजबाग, हमीरपुर, छन्न आरोड़ियां, चढ़वाल, दयाला चक, छप्पड़ मोड़ और कूटा में ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। यहां रोजाना जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सबसे ज्यादा जाम चढ़वाल, ओल्ड सांबा-कठुआ रोड पर देखने को मिलता है। ऐसे ही हालात कूटा से लेकर लखनपुर तक कई स्थानों पर बने रहते हैं। इससे दुकानदार, लोग, श्रद्धालु और पर्यटक परेशान हैं।
धुंध के कारण हादसे बढ़ने की आशंका
जिले में जगह-जगह हाईवे के विकास के नाम पर गड्ढे और डायवर्जन हादसों का कारण बन रहे हैं। इस कारण लोग आए दिन घायल हो रहे हैं और जान गवां रहे हैं। दिसंबर अंत तक जिला में धुंध पड़ने लगेगी। ऐसे में हादसों में इजाफे की आशंका बनी है। लोगों की मांग है कि हर डायवर्जन पर अतिरिक्त रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, ताकि धुंध में लोग हादसों का शिकार न हों।
कुछ जगह पर लोगों के विरोध के बाद काम रोका गया है। अन्य स्थानों पर काम तेजी से चल रहा है, चढ़वाल, राजबाग और कालीबड़ी में लोगों के विरोध के चलते काम को रोकना पड़ा। अन्यथा यह प्रोजेक्ट भी अब तक मुकम्मल होने के नजदीक होते। लोग सहयोग करें तो जल्द काम पूरा हो जाएगा।
-यशपाल जादौन, प्रोजेक्ट चेयरमैन, एनएचएआई
चार महीने से निर्माण बंद था। डायवर्जन होने के कारण हादसों में बढ़ोतरी हुई है। हाईवे अथारिटी को अब बिना विलंब काम पूरा कर लोगों को राहत देनी चाहिए ताकि, लोगों की मुश्किलें कम हो सके।
- मीरचंद, समाजसेवी
एनएचएआई अधिकारी हादसों का इंतजार कर रहे हैं। जगह-जगह डायवर्जन लोगों के लिए जानलेवा बन चुके हैं। लखनपुर से जम्मू तक कई जगह हाईवे खोद रखा है। लोग जान गवां रहे हैं। इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाना चाहिए, ताकि हादसों पर रोक लग सके।
- रंजीत सिंह पठानिया, चेयरमैन, बरवाल एथलीट क्लब
काम शुरू करवाया गया है, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखना चाहिए। समय पर काम मुकम्मल करने पर ही लोगों को राहत मिलेगी। आने वाले दिनों में धुंध गहराएगी तो हादसे बढ़ सकते हैं।
- अनिल शर्मा, निवासी जंगलोट