गर्मी बढ़ते ही पेयजल किल्लत के साथ बिजली संकट ने जिले को घेर लिया है। बिजली की मांग बढ़ने से कठुआ जिले के तमाम ग्रिड स्टेशन अभी से हांफने लगे हैं।
कठुआ ग्रिड में पिछले वर्ष 936 एंपियर अधिकतम पीक लोड दर्ज किया गया था। इस वर्ष गर्मियों की शुरुआत में ही पीक लोड 905 एंपियर पार करने लगा है। ऐसा ही हाल हीरानगर ग्रिड का है। यहां पिछले वर्ष दो सौ एंपियर से अधिक पीक लोड था, लेकिन इस बार अभी ही यह 185 से 190 के बीच पहुंच गया है।
एसी और अन्य बिजली उपकरणों का प्रयोग बढ़ने से आने वाले दिनों में दिक्कतें बढ़ना लाजमी है। जिले के विभिन्न हिस्सों में तय आठ घंटे के बिजली कटौती शेड्यूल के अलावा अभी से एसएलडीसी के नियंत्रण में एक से दो घंटे की कटौती शुरू हो गई है।
सेवा जल विद्युत परियोजना से बिजली उत्पादन हासिल होने पर कठुआ जिले की दिक्कतें कभी-कभार कम हो जाती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। कठुआ में रविवार को बिजली कटौती के बाद अचानक पीक लोड में बढ़त दर्ज की गई। कठुआ ग्रिड में 85 से 90 मेगावाट के बीच मांग पहुंच गई है।
बिल के साथ जुड़ेगा एसी का खर्चः यदि आप एसी का प्रयोग कर रहे हैं और बिजली की चोरी कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। इस चोरी की भरपाई के लिए विभाग ने पैंतरा बदल लिया है। विभाग इस बार कनेक्शन काटने के बजाय अतिरिक्त बिल लेगा।
इसके लिए विभाग ने सीधे उपभोक्ताओं के बिल में ही एसी का मासिक खर्च जोड़ने की तैयारी की है। विभागीय अधिकारियों ने मीटर रीडरों से कहा है कि किस क्षेत्र में किन उपभोक्ताओं के यहां कितने एसी लगे हैं, इसकी रिपोर्ट दी जाए। इसलिए कि अगले बिल के साथ एसी का खर्च भी जोड़ा जाए।