केवल दो कंपनियों ने लगाई थी बोली, दो अक्तूबर से मुहिम शुरू करने की योजना धराशायी
अब नए सिरे से शुरु होगी टेंडर प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। नगर परिषद की ओर से दो अक्तूबर से घर-घर कचरा संग्रहण शुरु करने की योजना को झटका लगा है। मंगलवार को खोले गए टेंडर में केवल दो ठेकेदारों ने ही बोली में हिस्सा लिया था। नियमानुसार प्रक्रिया में कम से कम तीन ठेकेदारों की भागीदारी आवश्यक है। इसलिए अब टेंडर को नए सिरे से लगाना होगा, जिसमें कम से कम 15 दिन का समय लगेगा।
परिषद अधिकारियों का कहना है कि अब दोबारा निविधाएं आमंत्रित की जाएंगी और 15 दिन बाद पोर्टल खोलकर देखा जाएगा। उसमें अगर तीन से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया होगा तो ही टेंडर खोला जाएगा और नियम व शर्तें पूरी करने वाले ठेकेदार एवं कंपनी को कार्य की जिम्मेदारी दी जाएगी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि दो अक्तूबर से शुरू होने वाली योजना फिलहाल टल सकती है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया मुकम्मल होते ही कार्य की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
2021 में ठेकेदार कंपनी ने छोड़ दिया था काम
बता दें, 2021 में नगर परिषद ने घर-घर कचरा कचरा उठाने की मुहिम शुरू की थी। कंपनी को ठेका दिया गया था। लेकिन एक माह बाद ही काम छोड़ गई, जिसके बाद से शहर के हालात जस के तस हैं। घर-घर से कचरा उठाने का काम निविधा प्रक्रिया से आगे नहीं बढ़ पा रहा और शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा भी नहीं है कि 21 वार्डों के विकास को पोषित करने वाले नगर परिषद के पास संसाधनों की कोई कमी है। संसाधन पर्याप्त हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गई हैं।
घर-घर से कचरा न उठने से शहरवासी परेशान
शहर में घर-घर से कचरा उठाने की मुहिम शुरु नहीं होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। घरों से कचरा नहीं उठने से विभिन्न स्थानों पर डंपिंग स्थल बन चुके हैं। तंग गलियों में सफाई करने वाले सफाई कर्मी भी गली के मुहाने पर कचरे का ढेर लगाते हैं, जिसे परिषद के ऑटो कर्मियों को उठाना पड़ता है। कई स्थानों से दोपहर 12 बजे तक कचरा नहीं उठ पाता है। ऐसे में बरसात के समय वही कचरा गलियों में फैलता है, जिससे सीवरेज व नालियां जाम रहती हैं।
लोग बोले, हर समस्या का समाधान निजीकरण
नहीं, खुद को स्वावलंबी बनाए परिषद
नगर परिषद खुद को इतना स्वावलंबी बनाए कि उन्हें ठेकेदार की जरूरत ही न पड़े। नगर परिषद कर्मचारियों को भर्ती करे और घर-घर से कचरा संग्रहण योजना को शुरु करे। इसके लिए लोग सहयोग जरूरत करेंगे, जिससे शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी।
- सौरभ गुप्ता, निवासी, वार्ड एक
नगर परिषद अपने ढांचे को मजबूत बनाए। निजी ठेकेदार के माध्यम से अगर अभियान शुरु हो भी गया तो वह कुछ समय के लिए ही होगा। परिषद अधिकारी और ठेकेदार आपसी खींचतान में पड़े रहेंगे। लोगों को उस व्यवस्था का सही फायदा नहीं मिलेगा।
- मोहिंद्र सिंह, निवासी, वार्ड सात
इस समय शहर में घर-घर से कचरा उठाने की योजना शुरू करने की जरूरत है। नगर परिषद स्थानीय लोगों को काम पर रखे। रोजगार के साधन वैसे ही बहुत कम हैं। अगर सरकार कम वेतन वाले सफाई कर्मचारी और चालकों का वेतन वहन नहीं कर सकती तो यह निराशाजनक है।
- हर्ष महाजन, निवासी, वार्ड छह
ठेकेदारों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
मंगलवार को टेंडर की टेक्निकल बिड खोली गई तो उसमें केवल दो ठेकेदारों ने ही भाग लिया था। इसके लिए तीन पार्टियों का शामिल होना आवश्यक है। अब नए सिरे से निविधाएं आमंत्रित की जाएंगी, जिसे 15 दिन बाद खोला जाना है। अगर तीन या उससे अधिक ठेकेदार सामने आए तो योजना का काम शुरू करवा दिया जाएगा।
-जोधराज, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कठुआ