डेयरी में काम करते हुए सोनिका शर्मा।
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परिवार की उम्मीदों के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठुआ की एक कंप्यूटर इंजीनियर अब डेयरी वूमन बन गई हैं। उच्च शिक्षित होने के बाद सोनिका शर्मा लीक से हटकर गोकुल चला रही हैं। परिवार की जरूरत से शुरू हुआ पशुपालन कार्य अब कठुआ शहर की रहने वाली सोनिका को डेयरी व्यवसायी की पहचान दिला रहा है। वर्तमान में सोनिका शर्मा 22 पशुओं की डेयरी गोकुल चला रही हैं।
खास बात यह है आर्थिक रूप से समृद्ध परिवार होने के बाद भी सोनिका ने इस व्यवसाय को अपने सपनों को पूरा करने के लिए चुना है। एक गाय से परिवार में दूध की जरूरत को पूरा करने के लिए शुरू हुआ उनका यह सफर दो साल के भीतर ही 22 दुधारू पशुओं तक पहुंच चुका है। सोनिका की गोकुल डेयरी से लोग जहां खुद ही आकर दूध ले जाते हैं, वहीं कई जरूरतमंद लोगों के लिए उन्होंने होम डिलीवरी की व्यवस्था भी कर रखी है। सोनिका कहती हैं नारी शक्ति है। उसे किसी से कम नहीं आंका जा सकता।
आसान नहीं थी पुरुष प्रधान व्यवसाय की राह
डेयरी व्यवसाय को पुरुष प्रधान माना जाता है, लेकिन सोनिका ने इस धारणा को भी झुठला दिया। उच्च शिक्षित होकर भी सोनिका का डेयरी व्यवसाय में सफर अपने बच्चे के लिए शुद्ध दूध की व्यवस्था करने के साथ शुरू हुआ। बेटे को शुद्ध दूध पिलाने के लिए उन्होंने शहर में गाय रखी। इस कार्य से लगाव होने पर सोनिका ने इसे व्यवसाय के तौर पर करने की ठानी।
क्या है अगला लक्ष्य
सोनिका के पति बहुराष्ट्रीय कंपनी में अच्छे ओहदे पर हैं। इसके बावजूद सोनिका ने डेयरी में आगे बढ़ने का फैसला कर काम शुरू कर दिया। दो साल के भीतर ही सोनिका ने व्यवसाय को विस्तार देने में सफलता हासिल कर ली है। अब उनका बेटा तरुश भी उनकी मदद करने लगा है। सोनिका ने बताया कि यह व्यवसाय इतना आसान नहीं है। शुरूआती दौर में उन्हें भी खुद को दुनिया के सामने साबित करना पड़ा। लेकिन अब लोग इसकी सराहना करते हैं। सोनिका चाहती हैं कि वे इसे बड़े स्तर पर विस्तार दें, जिसके लिए इन दिनों वे सरकारी योजनाओं का भी लाभ ले रही हैं।