संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के मध्य स्थित जनरल बस स्टैंड की हालत बदहाल बनी हुई है। शहर के लोगों को यातायात की सुविधा देने वाले इस बस स्टैंड के विकास की ओर ध्यान न दिए जाने के कारण पहले ही आम लोगों ने यहां जाना छोड़ दिया है।
अब हालत ऐसी हो गई है कि वहां बस चालकों के साथ स्थानीय दुकानदार भी इससे परेशान है। क्योंकि बस स्टैंड पर जगह-जगह जमा बारिश का पानी और कीचड़ मुसीबत बन रहा है। शहर की एक लाख से ज्यादा की आबादी को आवागमन की सहूलियत प्रदान करने के लिए बनाए गए इस बस स्टैंड पर न तो बैठने का कोई इंतजाम है और न ही पानी-बिजली की सुविधा मौजूद है। वहीं, अब यहां बने बड़े-बड़े गड्ढों ने इसकी दशा को और बिगाड़ दिया है। लोगों का कहना है कि यहां बने गड्ढों में भरा बारिश के पानी को निकालने के लिए कोई प्रयास अब तक नहीं किया गया।
इस बस अड्डे को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए वर्ष 2023 में पहल शुरू हुई थी। तब नगर परिषद के तत्कालीन प्रधान ने पांच करोड़ की लागत से होने वाले विकास के कार्य का शिलान्यास भी किया था। जिसमें दावा किया गया था कि दो माह में बस स्टैंड की सूरत को बदलते हुए यहां स्मार्ट शौचालय, सीसीटीवी, एलईडी डिस्प्ले और एसी रिटायरिंग रूम बनाए जाएंगे। इसके अलावा बस स्टैंड के प्रवेश और निकासी वाले स्थानों पर भव्य गेट बनाए जाएंगे। वहीं, बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैंप बनेंगे। एलईडी पर बसों के रूट और समय सारिणी का उल्लेख होगा। लेकिन आज तक योजना के तहत वहां विकास की एक ईंट भी नहीं लग पाई।
मक्खन लाल का कहना है कि अब तो इस बस स्टैंड से नियमित रूप से चलने वाली बसों के साथ-साथ ई-बसों को नियमित संचालन भी हो रहा है लेकिन अभी भी इसकी दशा को सुधारने के लिए किसी पहल न किया जाना निराशाजनक है। क्योंकि इसके लिए अब तक न ही प्रशासन की ओर से और न ही चुने हुए प्रतिनिधियों की ओर से कोई पहल हुई है।