जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे हादसों का जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। जिला प्रशासन ने इस मामले में नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया को नोटिस जारी किया है। अतिरिक्त जिला उपायुक्त ने जिला मजिस्ट्रेट के अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए हाईवे अथॉरिटी को सीआरपीसी की धारा 133 के तहत नोटिस जारी किया है। यदि समय रहते अथॉरिटी ने जवाब नहीं दिया तो इसी धारा के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
दरअसल जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर अमूमन हादसे होते रहते हैं। इस मामले में दीगर पहलू यह है कि हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे होने के साथ ही कई स्थानों पर हाईवे के किनारे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में वाहन चालक इन्हीं गड्ढों की वजह से हादसे का शिकार हो जाते हैं। जिला प्रशासन ने इस बाबत हाईवे अथॉरिटी से जवाब तलब किया था, जो दी गई मियाद खत्म होने के बावजूद नहीं दिया गया।
इस पर प्रशासन ने नोटिस भेज दिया है। अतिरिक्त जिला उपायुक्त प्रसन्ना रामास्वामी ने बताया कि बार-बार सड़क हादसे हो रहे हैं। हाईवे अथारिटी को पहले एक महीने का समय दिया गया था कि वह इसकी मरम्मत करे, लेकिन राज्य में बाढ़ का तर्क देकर अथॉरिटी ने और समय मांगा। एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देने के बाद भी तर्कसंगत जवाब न मिलने के बाद सीआरपीसी की धारा 133 के तहत नोटिस भेज दिया गया है।
अथॉरिटी के पास केवल एक सप्ताह का समय है, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि पिछले लंबे समय से जिला प्रशासन के कार्यक्रम ‘प्रयास’ के माध्यम से लोग हाईवे की खस्ताहालत के कारण होने वाले हादसों की शिकायत करते रहे हैं।