कला उत्सव के दौरान पारंपरिक वेशभूषाओं में प्रस्तुतियां देने के बाद छाात्राएं। संवाद
दो दिवसीय उत्सव में 12 क्षेत्रों के 180 विद्यार्थी गायन, वाद्य संगीत, दृश्य कला, नृत्य, रंगमंच और कहानी सुनाना में करेंगे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला स्तरीय दो दिवसीय कला उत्सव का शुभारंभ हो चुका है। उत्सव के पहले दिन 144 विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन संगीत, वाद्य संगीत और दृश्य कला के अलावा खिलौने और खेल की प्रतियोगिताओं में अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्कृतिक और शिक्षा सेल की ओर से कला उत्सव का आयोजन राजकीय महिला डिग्री कॉलेज के सभागार में आयोजित किया गया। उद्घाटन समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि मुख्य शिक्षा अधिकारी मंगत राम शर्मा ने कहा कि कला उत्सव शैक्षणिक कैलेंडर का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य शिक्षा में विभिन्न कलाओं को बढ़ावा देना के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत उसकी जीवंत विविधता के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मंच छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रदर्शित करने का मौका प्रदान करती हैं। इस दो दिवसीय उत्सव में 12 क्षेत्रों के लगभग 180 विद्यार्थी छह विभिन्न श्रेणियों जैसे गायन, वाद्य संगीत, दृश्य कला, नृत्य, रंगमंच, कहानी सुनाना आदि में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
प्रतियोगिताओं के पहले दिन का मूल्यांकन जम्मू के प्रसिद्ध कलाकारों इंद्रपॉल गुप्ता, खजूर सिंह ठाकुर, योगेश कांडले, दीपक भारती और सुरेखा रानी की ओर से किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद जिला प्रभारी सांस्कृतिक और शिक्षा प्रकोष्ठ की मोनिका खोसला ने औपचारिक स्वागत भाषण देकर दो दिवसीय कार्यक्रम की रूप रेखा खींची। इस मौके पर राजकीय महिला डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्य सवी बहल, जिला शिक्षा योजना अधिकारी करमजीत सिंह, राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल (लड़कों) के प्रधानाचार्य तारा चंद, राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल (लड़कियों) के प्रधानाचार्य मंगल सिंह, प्रिंसिपल एचएसएस नगरी पैरोल जतिंदर सेठी, रविंद्र सिंह और रीता शर्मा मौजूद रहे।