कठुआ। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले की बेटी ने इतिहास रचा है। कामर्शियल पायलट बनने वाली एरिका कोहली जिले की पहली युवती है। मात्र 26 वर्ष की आयु में उन्होंने आस्ट्रेलिया के बाद भारत में कामर्शियल फ्लाइंग की दस्तावेज प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। इसी महीने के अंत में एरिका विशेषज्ञ प्रशिक्षण को पूरा करने के लिए आस्ट्रेलिया रवाना हो रही हैं। 45 दिन के प्रशिक्षण के बाद वह कामर्शियल फ्लाइंग के लिए तैयार हो जाएंगी।
बिरला इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी ऑफ साइंस, पिलानी से एरिका ने 2016 में अपनी इंजीनियरिंग पूरी की। एरिका ने बताया कि यही वह समय था जब उन्होंने अपने सपनों की उड़ान को पूरा करने का मन बनाया। उन्होंने एवियशन में प्रशिक्षण शुरू कर दिया। जनवरी, 2018 में आस्ट्रेलिया से एवियशन में डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने डीजीसीए में कन्वर्जन मल्टी इंजन फ्लाइंग पर दस्तावेज तैयार किए। यहां प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आखिरकार उनका सपना अब पूरा हो गया है। अगले कुछ महीनों में वह सपनों को पंख लगाएंगी। बकौल एरिका यह एक सपने के पूरा होने जैसा है, जिसमें उनके अभिभावकों का अहम योगदान है।
-----
लगन से कोई भी मुकाम
किया जा सकता है हासिल
कठुआ के वार्ड-पांच मंडी शेर सिंह निवासी एरिका कोहली ने बताया कि मन में लगन हो तो कोई भी राह मुश्किल नहीं है। उनका सपना यह साबित करने का है कि चाहे लड़कियां कितने भी छोटे शहर या कसबे से हों, मन में लगन हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।