लकड़ी के खंभों और पेड़ो से गुजर रहे बिजली तार से मिलेगी मुक्ति
चांदल में तैयार होने जा रहा तीन मेगावाट क्षमता का नया सब स्टेशन
खास खबर
हाफिज कुरैशी
बनी। बर्फबारी का दिन हो या तेज आंधी तूफान, अब बनी सब डिवीजन के दूरदराज इलाकाें में बिजली की निर्बाध आपूर्ति को लेकर प्रयास तेज हो गए हैं। इसके तहत सबसे पहले पेड़ों पर बिजली के तार बांधकर जुगाड़ की योजना को बदला जा रहा है। इसकी जगह नए खंभे लगाए जाएंगे। बेहतर बिजली नेटवर्क के लिए नया सब स्टेशन स्थापित किया जाएगा।
पहाड़ी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने 5.5 करोड़ रुपये की मेगा योजना तैयार की है। इसके लागू होने के बाद क्षेत्र में बिजली ढांचे में सुधार देखने को मिलेगा। इससे लोगों को बिजली संबंधी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह बिजली सुधार योजना तैयार की गई है। चांदल में तीन मेगावाट क्षमता का नया पावर स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके तहत पुराने लकड़ी के खंभों को बदला जाएगा और पेड़ों से गुजर रही बिजली लाइनों को दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा 10 से अधिक नए स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। कुछ मौजूदा स्टेशनों का रिएलाइनमेंट भी किया जाएगा।
चांदल में तीन मेगावाट क्षमता का नया पावर स्टेशन स्थापित होगा। इससे लोवांग, भरमोता, रौलका और सरथल में बिजली आपूर्ति में बड़ा सुधार आएगा। इन क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से लोगों को राहत मिलेगी। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बनी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पहले से कहीं अधिक बेहतर, स्थिर और निर्बाध हो जाएगी।
कोट
पावर स्टेशन के निर्माण को लेकर तहसीलदार बनी को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपयुक्त भूमि की पहचान कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके बाद परियोजना का कार्य शुरू किया जाएगा।
डॉ. रामेश्वर सिंह, विधायक