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Kathua News: पीएम श्री स्कूलों में वार्षिक सम्मेलन बने खानापूर्ति

Tue, 26 May 2026 01:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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सत्र समाप्त होने के दो माह बाद हो रहे आयोजन, अंतिम कक्षा के विद्यार्थी भी नहीं बन रहे हिस्सा
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संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। जिले के पीएम श्री स्कूलों में आयोजित किए जाने वाले वार्षिक सम्मेलन अब महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं। शैक्षणिक सत्र समाप्त होने से पहले होने वाले आयोजन अब नए सत्र के शुरू होने के दो माह बाद करवाए जा रहे हैं। इससे कार्यक्रमों की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही विद्यार्थियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ भी प्रभावित हो रहे हैं।

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिन विद्यार्थियों के लिए पूरे वर्ष की उपलब्धियों और प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने का मंच तैयार किया जाना था उन्हीं अंतिम कक्षा के कई विद्यार्थी स्कूल छोड़ चुके हैं। परीक्षा परिणाम आने के बाद वे दूसरे शिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले चुके हैं। इस कारण उन्हें इन सम्मेलनों में शामिल तक नहीं किया जा रहा। जिले में कुल 24 पीएम श्री स्कूल संचालित हैं। इनमें तीन हायर सेकेंडरी स्कूल, 15 हाई स्कूल, पांच मिडिल स्कूल और एक प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। अब तक केवल पांच स्कूलों में ही वार्षिक सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। अधिकांश स्कूल में होगा या नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता है क्योंकि 1 जून से गर्मी के अवकाश शुरू हो रहे हैं।
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केंद्र सरकार की ओर से प्रत्येक पीएम श्री स्कूल को वार्षिक सम्मेलन और अन्य गतिविधियों के लिए एक लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। शिक्षा विभाग का दावा है कि इन सम्मेलनों का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, वर्षभर की शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रदर्शन करना और अभिभावकों व समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना है। शिक्षकों का आरोप है कि अब कई स्कूल केवल उपलब्ध राशि को खर्च करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में सम्मेलन कराने में जुटे हैं। यदि ये आयोजन शैक्षणिक सत्र के दौरान समय पर होते तो विद्यार्थियों को इससे वास्तविक लाभ मिलता और उनकी प्रतिभाओं को उचित मंच मिल पाता। अब यह प्रक्रिया केवल कागजी औपचारिकता और फंड उपयोग तक सीमित होती नजर आ रही है।
शिक्षा से जुड़े लोगों ने मांग की है कि विभाग इस पूरे मामले की समीक्षा करे और भविष्य में पीएम श्री योजना के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों को निर्धारित समयसीमा में आयोजित करवाना सुनिश्चित करे।
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वर्जन

इन स्कूलों में आयोजित होने वाली गतिविधियों के लिए राशि देरी से जारी हुई है। इससे ज्यादातर संस्थान इस राशि का अभी तक उपयोग नहीं कर पाए हैं। अगर यही राशि दिसंबर में जारी हो जाती तो प्रत्येक संस्थान को तीन माह का समय मिल जाता और वे सुनियोजित तरीके से वार्षिक सम्मेलन सहित अन्य गतिविधियां आयोजित कर पाते। फिलहाल विभाग कोशिश कर रहा है कि इस राशि का उपयोग सही तरीके से विद्यार्थियों के लिए हो सके।

- राम लाल, डिप्टी सीईओ
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