अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी अतिरिक्त चौकसी
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल सिंह ने नशा विरोधी अभियान की समीक्षा के दौरान दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। 90 चिह्नित नशा तस्करों पर जल्द गाज गिरने जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल कुमार सिंह ने कठुआ में बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं पर अतिरिक्त चौकसी बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
वित्त आयुक्त ने नशे के खिलाफ चौतरफा प्रहार करने के लिए हीरानगर से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और अंतरराज्यीय सीमाओं पर अतिरिक्त चौकसी बरतने के निर्देश दिए। जिले से लगने वाली दोनों सीमाएं हमेशा ही नशा तस्करों के लिए मुफीद रही हैं। कभी ड्रोन से सीमा पार से नशे की खेप को प्रदेश में युवाओं को तबाह करने के लिए भेजी जाती है तो कभी पंजाब के रास्ते तस्कर प्रदेश में नशा भेज रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रशासन को जिला सीमा पर अतिरिक्त चौकसी के साथ-साथ अन्य राज्यों से रात्रि में आने वाहनों की भी गहन जांच करने की निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि 90 ऐसे नशा तस्करों की पहचान की गई है जिन्होंने नशा बेचकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इनके खिलाफ जल्द कार्रवाई शुरू होगी।
जिले के नामित मेंटर अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल कुमार सिंह ने बुधवार को जारी नशा मुक्त अभियान की विस्तार से समीक्षा भी की। इसमें उपायुक्त राजेश शर्मा सहित अन्य जिला अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि नशामुक्त जिला बनाने के लिए केवल तस्करी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं बल्कि जागरूकता, पुनर्वास, सामुदायिक भागीदारी और युवाओं की सक्रिय भूमिका भी उतनी ही जरूरी है।
अब तक जिले भर में 1325 नशा विरोधी गतिविधियां
बैठक में बताया कि जिले में बहु-विभागीय कार्ययोजना के तहत जनजागरूकता, प्रचार अभियान, प्रवर्तन कार्रवाई और सामुदायिक सहभागिता पर केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक जिले भर में 1325 नशा विरोधी गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। इनमें समाज के विभिन्न वर्गों से 6 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी दर्ज की गई है। जिले में पांच ऐसे हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं जहां मादक पदार्थों से जुड़ी अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था स्थापित की गई है। बैठक में नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
जीएमसी प्रिंसिपल ने बताया कि जिले में 22 बिस्तरों वाली एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी पूरी तरह कार्यरत है जहां आईपीडी और ओपीडी दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। चार मनोचिकित्सकों की टीम अन्य चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर नशे का शिकार मरीजों का उपचार और काउंसलिंग कर रही है। वित्त आयुक्त ने निर्देश दिए कि स्थानीय गैर सरकारी संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए।
अनिल सिंह ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी निर्देश दिए कि रात के समय वाहनों की सघन जांच की जाए। शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाने वालों, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल ड्राइवरों और वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को नशा मुक्त प्रमाणन से जोड़ने का सुझाव दिया।