39,750 रुपये गोशाला में जमा कराने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुंसिफ न्यायाधीश ने मवेशी तस्करी में लिप्त वाहन को सख्त शर्तों के साथ अंतरिम सुपुर्दगी पर रिहा करने का आदेश दिया है। चालक को वाहन की रिहाई से पहले जब्त 15 मवेशियों की 10 दिनों तक की गई देखभाल, चारे और परिवहन पर खर्च हुए 39,750 की राशि कीडि़या गंडियाल गोशाला प्रभारी को जमा करवानी होगी। यह राशि प्रत्येक मवेशी की 265 रुपये प्रतिदिन रखरखाव और चारे के तौर पर जमा करवानी होगी।
यह याचिका मुंसिफ न्यायाधीश वीरेन मगोत्रा की अदालत में दायर की गई थी। लखनपुर पुलिस ने मवेशी तस्करी के आरोप में वाहन चालक शकूर निवासी जम्मू को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। वाहन जब्ती के दौरान उसमें कुल 15 मवेशी रस्सियों से बांधकर रखे गए थे जिन्हें रिहा कर कीडि़या गंडियाल गोशाला में रखा गया था।
आरोपी के वकील ने 22 अप्रैल को अदालत में आवेदन दायर कर कहा कि वह वाहन का चालक है। पुलिस ने एक झूठे एफआईआर के तहत वाहन को कब्जे में लिया है। उसने अदालत को आश्वासन दिया कि वाहन की बनावट में कोई बदलाव नहीं करेगा। जरूरत पड़ने पर वाहन को अदालत और पुलिस के सामने पेश करने को तैयार है। लिहाजा वाहन को रिहा किया जाए। इसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 (बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज है।
सरकारी वकील ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। ऐसे में अगर वाहन को छोड़ा गया तो इसके दोबारा ऐसे ही अवैध मवेशी परिवहन में इस्तेमाल होने की आशंका है। कोर्ट ने दोनों पक्ष सुनने के बाद कहा कि यदि आरोपी या संबंधित पक्ष पशुओं की देखभाल का खर्च वहन करने को तैयार हो तो वाहन को अनावश्यक रूप से थाने में खड़ा रखकर खराब होने देना न्यायसंगत नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने शर्तों के साथ वाहन को अंतरिम सुपुर्दगी को छोड़ने पर आदेश दिया।