पीएम-ऊषा योजना के तहत मिली मंजूरी, क्षमता 150 से बढ़कर 250 होगी
आधुनिक अग्निशमन व सुरक्षा तंत्र से लैस होगा भवन
गोल्डी शर्मा
कठुआ। राजकीय डिग्री कॉलेज (जीडीसी) के गर्ल्स छात्रावास में एक और अतिरिक्त भवन के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। नए भवन के निर्माण से छात्रावास की आवासीय क्षमता 150 से बढ़कर 250 छात्राओं तक पहुंच जाएगी। इस परियोजना पर केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-ऊषा) के तहत 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च करने का प्रावधान रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार यह जिले का सबसे पुराना सह-शैक्षणिक उच्च शिक्षण संस्थान है। इसमें बनने वाले छात्रावास का लाभ संस्थान के अलावा छात्राओं व उच्च संस्थानों को भी मिलेगा। बता दें कि जीडीसी में हर वर्ष दो हजार विद्यार्थी विभिन्न विषयों में दाखिला लेते हैं। इसमें लड़कियों की संख्या अधिक होती है।
कॉलेज प्रशासन की मानें तो गर्ल्स हास्टल में पहले 143 छात्राओं के रुकने की व्यवस्था थी। अब यह बढ़कर 250 हो जाएगी। नए भवन में 100 छात्राओं को आवासीय सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इसका कार्य अगले डेढ़ साल के भीतर पूरा करवाया जाएगा। नए भवन में छात्राओं के रहने के लिए कमरे, अध्ययन कक्ष, कॉमन एरिया, स्वच्छ शौचालय ब्लॉक की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं, ढांचा गत विकास की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है। इस पर लगभग नौ करोड़ रुपये की राशि खर्च की आएगी। इसमें दो मंजिला इमारत का निर्माण किया जाना है।
नई इमारत अत्याधुनिक अग्निशमन प्रणाली से होगी लैस
परियोजना में नए भवन को अत्याधुनिक अग्निशमन प्रणाली से लैस किया जाएगा। इसमें फायर अलार्म नेटवर्क, स्मोक डिटेक्टर, इमरजेंसी एग्जिट, हाइड्रेंट लाइन, अग्निशमन सिलिंडर, जल भंडारण टैंक और त्वरित निकासी के लिए सुरक्षा मार्ग रखे जाएंगे। छात्रावास में सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देने की केंद्र सरकार की नई नीति के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है। इस पर कुल 50 लाख रुपये की राशि खर्च होगी। इस प्रणाली को स्थापित करने की जिम्मेदारी यांत्रिक विभाग को सौंपी गई है।
कोट
छात्रावास निर्माण की मंजूरी पिछले साल ही मिल चुकी थी। नए भवन के निर्माण के लिए पहले वास्तुशिल्प परामर्श लिया गया। इसके बाद परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। इसे अगले डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा करने की योजना है।
- अविनाश गुप्ता, सहायक कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग