आधुनिक प्रणाली को स्थापित करने पर खर्च की जाएगी एक करोड़ रुपये की राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) इमरजेंसी की तीन मंजिला इमारत में आधुनिक अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी है। आधुनिक प्रणाली को स्थापित करने पर कुल एक करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
जीएमसी प्रशासन की ओर से भवन में फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का निर्णय सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शिक्षण भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में डॉक्टर, एमबीबीएस प्रशिक्षु, कर्मचारी और मरीजों के परिजन मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति या आग लगने की घटना से निपटने के लिए आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जीएमसी के सहायक अस्पताल की पुरानी इमारत में दो साल पहले अग्निशमन प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। नवनिर्मित इमारत में इस सुविधा का अभाव था। कोरोना काल के बाद से ही नयी इमारत के सबसे नीचे वाले हिस्से में इमरजेंसी ब्लॉक संचालित हो रहा है। पहली मंजिल में सामान्य चिकित्सा और सर्जरी वार्ड स्थापित किए गए हैं।
तीसरी और चौथी मंजिल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। इस नयी इमारत में खासकर इमरजेंसी ब्लॉक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। भवन के कई हिस्सों में विद्युत उपकरण, ऑक्सीजन लाइनें, प्रयोगशालाएं और रिकॉर्ड कक्ष हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। इसको देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने नवनिर्मित इमारत में अत्याधुनिक अग्निशमन प्रणाली लगाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑटोमैटिक फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, वाटर स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट लाइन, फायर एक्सटिंग्विशर आदि स्थापित की जाएगी। इसके अलावा इमारत के विभिन्न मंजिलों और वार्डों में अग्निशमन उपकरणों के लिए अलग-अलग प्वाइंट बनाए जाएंगे।
कोट
इमरजेंसी की नवनिर्मित इमारत में अग्निशमन प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पर एक करोड़ से अधिक राशि खर्च की जाएगी। फिलहाल संबंधित विभाग ने इसकी निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि अगले माह से काम शुरू हो जाएगा जिसे अगले छह महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
-ईशान जसरोटिया, कनिष्ठ अभियंता, मैकेनिकल विभाग जीएमसी कठुआ