संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुंसिफ न्यायाधीश हीरानगर ने रास्ता रोककर मारपीट करने के मामले में छह आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर सुनाया है।
मुंसिफ न्यायाधीश लक्ष्य बडयाल की अदालत में दायर चालान के अनुसार, मामला साल 2021 को हीरानगर थाना क्षेत्र के डिंगा अंब का है। इसमें आरोपी प्रेम सिंह, राजिंदर सिंह, मुनीश सिंह, अंजू देवी, मीना देवी और सोनू देवी निवासी पक्का कोठा डिंगा अंब पर रास्ता रोककर मारपीट करने के आरोप हैं। इसमें रविंदर सिंह, करनैल सिंह, सुशील कुमार और जसवीर सिंह निवासी मौरी डिंगा अंब गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों की शिकायत पर हीरानगर पुलिस थाना में सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 26 अगस्त 2021 को कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया गया था।
मार्च में कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से धारा 147 हटाने के लिए आवेदन दायर किया गया। अदालत ने मामले के सभी प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और रिकॉर्ड का अवलोकन किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों के खिलाफ दंगा और गैरकानूनी जमावड़े से संबंधित धारा 147 आईपीसी का अपराध नहीं बनता। इसके बाद अदालत ने इस धारा को मामले से हटा दिया। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो चुका है और अब वे मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। शिकायतकर्ताओं ने अदालत को बताया कि समझौता पूरी तरह स्वेच्छा से हुआ है और उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है। अदालत ने उनके बयान दर्ज करने के बाद कहा कि आईपीसी की धारा 341 और 323 के अपराध समझौता योग्य हैं इसलिए दोनों धाराओं के तहत मामला समाप्त करने का आदेश दिया जाता है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपियों के जमानती और मुचलका बांड भी समाप्त कर सभी को बरी करने का फैसला सुनाया।