वर्ष 2021 का मामला, दो मोटरसाइकिल की भिड़ंत में एक व्यक्ति की हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से वाहन चलाने से हुई मौत के मामले में आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने में विफल रहा। अदालत ने कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो सके की दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल आरोपी चला रहा था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार की अदालत में चालान दायर किया गया था। इसमें आरोपी मिंटू सलारिया निवासी पडयारी जंगलोट पर लापरवाही से बाइक चलाने का आरोप लगाया था। मामला 26 फरवरी 2021 को शाम 7:15 बजे औद्योगिक इकाई सीटीएम के गेट नंबर-7 के सामने का है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हुई थी। पुलिस के अनुसार एक मोटरसाइकिल मिंटू सलारिया चला रहा था जबकि दूसरी सूर्यकांत स्वाइन चला रहे थे। दोनों चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहे थे। इस कारण वे अपनी-अपनी बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सके।
हादसे में दोनों बाइक चालक घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल सूर्यकांत स्वाइन को जीएमसी कठुआ ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चालान को 29 सितंबर 2021 को कोर्ट में प्रस्तुत किया। आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र 11 नवंबर 2021 को तय किए गए। इसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने की मांग की। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया। कुल चार गवाहों में से दो प्रमुख गवाहों ने साफ कहा कि वे न तो घटना के समय मौके पर मौजूद थे और न ही उन्हें यह जानकारी थी कि दुर्घटना कैसे हुई। एक गवाह ने यह भी कहा कि वह आरोपी को नहीं पहचानता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से कोई विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं जिससे साबित हो सके कि आरोपी वाहन को लापरवाही से चला रहा था। कोर्ट ने आरोपी के जमानती व निजी मुचलका समाप्त कर उसे बरी करने का आदेश सुनाया गया।