संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट ने मंदिर से चोरी के मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए 30,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को जांच में सहयोग करने, साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करने और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित न करने के निर्देश दिए हैं। जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट पूनम गुप्ता की अदालत में दायर जमानत अर्जी के अनुसार साहिल संधू निवासी हीरानगर पर आरोप है कि उसने हीरानगर के मंदिर में पैसों से बने हार को चुराया है।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4) (ताला या खिड़की तोड़ना), 305 (चोरी करना), 238 (सबूत मिटाना) और /3(5) (एक से ज्यादा लोगों से साथ मिलकर चोरी को अंजाम देना) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। आरोपी के वकील ने गत 30 मार्च को कोर्ट में जमानत अर्जी दायर कर उसकी रिहाई की मांग की।
वकील ने तर्क दिया कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। आरोपी कोर्ट की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार है। इसलिए उसकी रिहाई की अपील की जाती है। जमानत का अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपी पर लगे आरोप गंभीर,संज्ञेय और गैर-जमानती हैं।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी से करंसी नोटों की माला बरामद हुई थी लेकिन नकदी खर्च की जा चुकी है। अदालत ने माना कि आरोप ऐसे नहीं हैं जिनमें उम्रकैद या मृत्युदंड का प्रावधान हो। इसलिए अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत देने का निर्देश दिया।