आरोपी के वकील ने तीन मार्च को जमानत याचिका दायर कर की थी आरोपी की रिहाई की मांग
अभियोजन पक्ष ने आरोपी के अपराध को बताया गंभीर और गैर जमानती
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट ने दुकानदार की हत्या का प्रयास करने और लूटपाट के मामले में आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आदेश के अनुसार अदालत ने कहा कि आरोपी पर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और समाज की शांति एवं सुरक्षा के खिलाफ हैं।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के नीरू यादव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले का हवाला देते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है लेकिन यदि कोई समाज के लिए खतरा बनता है तो उसकी स्वतंत्रता को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट पूनम गुप्ता की अदालत में दायर जमानत याचिका के अनुसार मामला जनवरी महीने का नगरी कस्बे का है। इसमें आरोपी दविंद्र कुमार निवासी दराला नगरी पर आरोप है कि 31 जनवरी को आरोपी ने दुकानदार कृष्ण सिंह पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या का प्रयास कर दुकान में लूटपाट की थी। इसमें दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित मीरपुर जग्गो में एक किराना दुकान चलाता है। घटना के दिन जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी दुकान पर पहुंची। पत्नी ने दुकान का शटर खोलकर देखा तो कृष्ण सिंह खून से लथपथ पड़ा था। उसके सिर पर गहरी चोटें आई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 309(4) (लूटपाट) 333/115(2) (दुकान में घुसना और घायल करना) और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
आरोपी के वकील ने तीन मार्च को जमानत याचिका दायर कर आरोपी की रिहाई की मांग की। दो अप्रैल को जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि उसका मुव्वकिल निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी का अपराध गंभीर और गैर जमानती है। पीड़ित की हालत अभी बयान देने योग्य नहीं है। अभियोजन पक्ष ने आशंका जताई कि आरोपी जमानत मिलने पर गवाहों को धमका सकता है या फरार हो सकता है। साथ ही यह भी बताया कि आरोपी ऐसे दो अन्य मामलों में भी संलिप्त है। कोर्ट ने दो पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।