संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला की पंजाब से लगती खुली सीमाओं का फायदा उठाकर गो तस्करी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर प्रशासन और पुलिस को चकमा दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार तस्कर अब परंपरागत तरीकों के बजाय सवारी वाहनों, तेल टैंकरों के अलावा मवेशियों को बेहोश कर कारों में तस्करी को अंजाम दे रहे हैं।
हैरत की बात है कि लखनपुर में गुड्स स्कैनर को लेकर बनाया गया प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में है। ऐसे में रोजाना साढ़े तीन हजार से ज्यादा वाहनों की जांच नाके पर संभव नहीं हो पाती है। अधिकारी ने बताया कि थानों में पुलिस की नफरी कम होना और सख्त कानून न होना भी गो-तस्करी बढ़ने में अहम भूमिका निभा रही है।
जिला पुलिस ने व्यवस्थित तरीके से नाके तो स्थापित किए हैं लेकिन तस्कर कई बार लिंक मार्ग से तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। नाका पर तैनात पुलिसकर्मियों का कहना है कि रात के समय प्रत्येक वाहन को जांच करना संभव नहीं है। हर दिन नाकों से हजारों वाहन गुजरते हैं। अगर हर वाहन को रोकेंगे तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की स्थिति बन जाएगी।