जीएमसी कठुआ में स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल के दौरान प्रदर्शन करते हुए संवाद
जीएमसी परिसर में एकत्र होकर मांगों को लेकर रोष जताया
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार की ओर से ढाई दिन का वेतन रोके जाने के विरोध में वीरवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने जीएमसी परिसर में एकत्र होकर मांगों को लेकर रोष जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते जीएमसी की ओपीडी सहित कई जरूरी सेवाएं पूरे दिन ठप रहीं जिससे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मरीजों की सुविधा को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को जारी रखा गया। जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले दर्जनों स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार की चेतावनी दी है कि अगर उनके ढाई दिन के वेतन को बहाल नहीं किया तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे फेडरेशन के अध्यक्ष नीरज मलागर ने आरोप लगाया कि सरकार ने गत जनवरी माह में ढाई दिन के वेतन पर रोक लगाने पर विचार करने को कहा था लेकिन जीएमसी प्रशासन ने इसे इसी माह से लागू कर दिया। इस कारण रविवार सहित अन्य गजटेड छुट्टियों में सेवाएं देने के बाद भी उन्हें वेतन नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कर्मियों को ढाई दिन का वेतन ही नहीं दिया जा रहा तो वह रविवार और गजटेड अवकाश के दिन सेवाएं नहीं देंगे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सीएमओ सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के कार्यरत एमटीएस कर्मियों को इस महीने भी ढाई दिन का वेतन दिया गया है लेकिन जीएमसी के कर्मियों का क्यों रोक दिया, इसका अस्पताल प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं है। इस अलावा प्रदर्शनकारियों ने जीएमसी में छह साल से कार्यरत कर्मियों का अभी तक सर्विस नियम न होने पर भी कड़ा विरोध जताया है। उनकी मांग है कि सर्विस नियमों जल्दी से जल्दी पब्लिक डोमेन लाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि स्वास्थ्य कर्मचारी छुट्टी के दिन सेवाएं देंगे तो वे ढाई दिन का वेतन भी लेंगे या फिर वे छुट्टी के दिन काम नहीं करेंगे।