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Kathua News: मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के मामले में तीन आरोपी बरी

Fri, 13 Mar 2026 01:04 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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अदालत से
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शिकायतकर्ता पक्ष आरोपों को साबित करने में रहा असफल : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
साल 2017 का शहर के वार्ड 17 का मामला



संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के आठ साल पुराने मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को बरी किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने फैसला सुनाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा।


कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मामला साल 2017 का शहर के वार्ड 17 का है। इसमें आरोपी गोपाल दास, पिंकी और सोम दत्त पर शिकायतकर्ता गीता शर्मा ने मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि तीनों आरोपी उनके पड़ोसी हैं और उनके साथ लंबे समय से नाली के पानी को लेकर विवाद चल रहा था। घटना 20 जुलाई 2017 को शाम चार बजे की है। तीनों आरोपी उनके घर में घुस आए और दीवार को नुकसान पहुंचाने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस दौरान गोपाल दास ने ईंट फेंकी जिससे उसके पैर में चोट आई। घायल होने के बाद वह जिला अस्पताल कठुआ में उपचार के लिए पहुंची जहां उनका एमएलसी भी दर्ज हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया था कि आरोपी पुलिस विभाग में कार्यरत होने का लाभ उठाकर उन्हें लगातार धमकाते रहे।
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शिकायतकर्ता के अनुसार जब वह और उनके पति पुलिस थाना कठुआ में मामला दर्ज कराने गए तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों के खिलाफ आरपीसी की धारा 323, 504 और 506 के तहत समन जारी किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने स्वयं सहित तीन गवाहों को अदालत में पेश किया। बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास और स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति की ओर ध्यान दिलाया। अदालत ने पाया कि घटना के समय आसपास के लोगों के मौजूद होने का दावा किया गया लेकिन किसी स्वतंत्र व्यक्ति को गवाह के रूप में पेश नहीं किया गया। इसके अलावा घटना के दिन पुलिस को तत्काल सूचना न देने को भी अदालत ने मामले को संदिग्ध बनाने वाला तथ्य माना।
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