कठुआ। सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के जम्मू कार्यालय की ओर से आईटीआई बसोहली में एक उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के कारीगर और आईटीआई प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत आईटीआई की ओर से विशाली शर्मा ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उद्यमिता की भूमिका पर प्रकाश डाला और उन्हें केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
वहीं, सहायक निदेशक देवेंद्र कुमार त्यागी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं, पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी साझा की। इस मौके पर आईटीआई अधीक्षक अर्चना देवी ने उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं पर सत्र लेते हुए नवाचार, कौशल विकास और सकारात्मक सोच की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला उद्योग केंद्र की ओर से शिवांग गुप्ता ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी और प्रोत्साहन के बारे में बताया। जेकेईडीआई की ओर से धीरज हांडू ने उद्यमिता विकास और जम्मू-कश्मीर स्टार्टअप नीति पर प्रतिभागियों को जानकारी उपलब्ध करवाई। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं, ऋण योजनाओं और वित्तीय साक्षरता के महत्व को रेखांकित किया, जिससे प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों को सशक्त बनाया जा सके।