कठुआ। डेढ़ लाख से ज्यादा आबादी के लिए स्थापित ट्रामा सेंटर महानपुर और उपजिला अस्पताल बसोहली में अभी तक ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते आपातकालीन स्थिति में इन अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ या पठानकोट स्थित निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में शुरुआती गोल्डन हावर्स में मिलने वाला उपचार भी प्रभावित होता है।
दरअसल, उपजिला अस्पताल बसोहली और ट्रामा सेंटर महानपुर में ब्लड बैंक सुविधा स्थापित को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा लंबे समय से प्रक्रिया चल रही है। अनुभवी ब्लड बैंक तकनीशियन, नर्सिंग स्टाफ और ढांचागत सुविधा की कमी के कारण यह सुविधा शुरू नहीं पा रही है। इसका खमियाजा पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, उपजिला अस्पताल का स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अब तक दो बार निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान कुछ गंभीर कमियां पाई गईं। इसमें ब्लड बैंक को चलाने के लिए अस्पताल में अनुभवी ब्लड बैंक तकनीशियन, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और सहायक कर्मचारियों की कमी के कारण अनुमति नहीं मिल पा रही है।
वहीं, ट्रामा सेंटर महानपुर में ब्लड बैंक स्थापना को लेकर रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) से स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन यहां आवश्यक उपकरण और अन्य ढांचागत सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण ट्रामा सेंटर महानपुर को भी ब्लड बैंक या ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने का लाइसेंस नहीं मिल रहा है।
बता दें कि सरकार द्वारा पहाड़ी क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर बनाने का मकसद असल में मोटर एक्सीडेंट पीड़ितों को आपातकालीन चिकित्सा मदद देना था। इसके चलते ट्रामा सेंटर में ब्लड बैंक स्थापित करने की भी व्यवस्था की गई है, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ट्रामा सेंटर महानपुर को पूरी तरह से कार्यात्मक नहीं बनाया गया है। इसकी मुख्य वजह यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक न तो विशेषज्ञ डॉक्टर और न ही अनुभवी स्टॉफ की तैनाती हुई है।
कोटदोनों अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा को लेकर विधानसभा में भी मामला उठाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अस्पतालों में कुछ कमियों को उजागर किया था। इसकी वजह से यह सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग निदेशक सहित अस्पताल प्रशासन से बात कर जल्द कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि दोनों अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध हो सके।
-ठाकुर दर्शन सिंह, विधायक बसोहली