महात्मा गांधी अस्पताल में धरने पर बैठे स्वास्थ्य कर्मीजागरूक पाठक
इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर जीएमसी और उपजिला अस्पतालों में ठप रहा कामकाज
कठुआ। स्वास्थ्य कर्मियों ने ढाई दिन के वेतन रोकने के आदेश के विरोध में शुक्रवार को दो घंटे कामकाज ठप रखा। जिले के सबसे प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान जीएमसी सहित उपजिला अस्पतालों कर्मचारियों ने आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सेवाएं बंद रहीं।
जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले दर्जनों स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जीएमसी की ओपीडी के बाहर धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दो घंटे तक ओपीडी, दफ्तरों का कार्य और अन्य नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही। गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन सेवाएं सुचारु रहीं। प्रदर्शन के दौरान ओपीडी कॉम्प्लेक्स के बाहर मरीजों की भीड़ जमा हो गई और वे हड़ताल समाप्त होने का इंतजार करते रहे। कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर कामकाज बहाल किया।
फेडरेशन के जिला प्रधान नीरज मलागर ने बताया कि पिछले कई दशकों से अत्यावश्यक सेवाएं देने वालों कर्मचारियों को सरकार की ओर से ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाता रहा है। यह ढाई दिन का वेतन न केवल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को बल्कि जलशक्ति, बिजली और अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी दिया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि कई विभागों के कर्मचारियों को रविवार और अन्य गजेटेड छुट्टियों में सेवाएं देने की एवज में मिलता है लेकिन हाल ही में सरकार ने एक आदेश जारी कर इन सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस निर्णय को गलत बताया और कहा कि अगर स्वास्थ्य कर्मचारी छुट्टियों वाले दिनों में रोस्टर के मुताबिक सेवाएं दे रहे हैं तो उन्हें ढाई दिन का वेतन भी अनिवार्य मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि स्वास्थ्य कर्मचारी छुट्टी के दिन सेवाएं देंगे तो वे ढाई दिन का वेतन भी लेंगे या फिर वे छुट्टी के दिन काम नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह एक सांकेतिक प्रदर्शन था अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो भविष्य में इससे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
हीरानगर, बसोहली, एमजीएच कठुआ में भी प्रभावित रहीं ओपीडी सेवाएं
सरकारी अस्पतालों में कार्यरत पैरामेडिकल कर्मचारियों ने ढाई दिन की वेतन भत्ता कटौती के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीएचसी हीरानगर में पैरामेडिकल स्टाफ ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपने हक के नारे लगाए और सरकार से तुरंत ढाई दिन का वेतन जारी करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ओपीडी सेवाएं भी ठप रहीं। उपजिला अस्पताल बसोहली में पैरामेडिकल कर्मचारियों ने धरना दिया। कर्मचारियों ने ढाई दिन का वेतन भत्ता जारी करने की मांग की। यहां ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित रहीं। यह विरोध दोपहर 12:30 बजे समाप्त हुआ। महात्मा गांधी अस्पताल कठुआ में भी स्वास्थ्य कर्मियों ने धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।