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Kathua News: फरवरी में मार्च जैसा तापमान, गेहूं की पैदावार पर संकट

Sat, 21 Feb 2026 01:51 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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तापमान बढ़ने के बाद फसलों को देखता किसान संवाद
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किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
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कठुआ। फरवरी महीने में तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि असामान्य गर्मी से गेहूं की फसल समय से पहले खिलने की कगार पर आ रही है जिससे दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते और उनका वजन कम रह जाता है। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ सकता है।
दरअसल बीते कुछ वर्षों में फरवरी का औसत तापमान लगातार बढ़ रहा है। इस साल भी आम तौर पर जिले में 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहने वाला पारा इन दिनों 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस महीने के शेष बचे दिनों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ऐसे में बारिश नहीं होने से पारे में उछाल भी स्वभाविक है। इसने किसानों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है।
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कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) कठुआ के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि यदि फरवरी में तापमान 25–26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है और बारिश कम होती है तो गेहूं की फसल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में गेहूं के लिए यह तापमान उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इस असामान्य बदलाव से गेहूं की पैदावार में 20 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। फसल फ्लावरिंग स्टेज में समय से पहले शिफ्ट हो रही है जिससे दाने सिकुड़ने की आशंका है।
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डॉ. महाजन ने सुझाव दिया कि 2 प्रतिशत पोटाश (केसीएल) का स्प्रे करने से कुछ हद तक राहत मिल सकती है और फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। किसान होशियार सिंह, रामपाल, सूरज सिंह और दिनेश कुमार का कहना है कि फरवरी में ही मार्च जैसी गर्मी महसूस हो रही है। यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो पैदावार पर बड़ा असर पड़ेगा और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। यह स्थिति कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती है।
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