कठुआ। शिक्षा विभाग ने जिले के 120 सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। इसे छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे न केवल उनको स्कूल में स्वच्छ और सुरक्षित सुविधा मिलेगी, बल्कि छात्राओं को किशोरावस्था से आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचा जा सकता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, लगभग पिछले एक दशक से सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से प्रत्येक स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन अभी भी कई सारे स्कूल ऐसे हैं जहां इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस फैसले को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। अभी भी जिले के पहाड़ी क्षेत्र के कई स्कूल ऐसे हैं जहां बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है। हालांकि कई सारे स्कूलों में व्यवस्था की गई है, लेकिन वहां शौचालय में पानी और साफ सफाई एक बड़ी समस्या है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में इस तरह की विशेष सुविधा न होने के कारण बालिकाओं के अभिभावक सरकारी स्कूलों की बजाय निजी स्कूलों को प्राथमिकता देते हैं। इस बार 120 स्कूलों में आवंटित शौचालयों में ज्यादातर का निर्माण पहाड़ी और दूरदराज के स्कूलों में किया जा रहा है।
2.10 करोड़ से 120 स्कूलों में बालिकाओं को मिलेगी यह सुविधा
जिले में कुल 120 स्कूलों में अलग से बालिकाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक शौचालय पर 1 लाख 75 हजार रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसमें कुल 2 करोड़ 10 लाख खर्च होंगे। यह राशि समग्र शिक्षा के तहत जारी की गई है। जानकारी के अनुसार, बसोहली के स्कूलों में कुल 36 शौचालय, जबकि बिलावर में 42, हीरानगर में 26 और कठुआ में 16 स्कूलों को चुना गया है। इसमें ज्यादातर स्कूल वे हैं, जहां पहले इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं थी जबकि कुछ ही स्कूल ऐसे हैं, जहां यह शौचालय जर्जर हो गए थे और उनका दोबारा निर्माण किया जा रहा है।
कोट
शिक्षा विभाग द्वारा हर एक स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है, ताकि स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्वच्छता संबंधी उचित सुविधाएं मिल सकें। इससे न केवल छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बिना झिझक स्कूल आ सकेंगी। अगर किसी स्कूल में शौचालयों की साफ सफाई की समस्या है तो उसे भी दुरुस्त किया जाएगा।
-राम लाल, डिप्टी सीईओ।