कठुआ। जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा बहाली में हो रही देरी और मनरेगा अधिनियम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन स्थल से रैली के रूप में जिला उपायुक्त कार्यालय में पहुंचकर एडीडीसी सुरिंद्र मोहन शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा और राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई।
पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग ब्लॉक से आए कांग्रेसियों ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि बार-बार विभिन्न मंचों से प्रदेश की जनता के साथ वादा करने के बावजूद भी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है और केंद्र सरकार है कि ग्रामीण इलाकों के बेरोजगारों के लिए बनाया गए रोजगार कानून को बदलकर उसे योजना बना दिया।
चौधरी लाल सिंह ने आपत्ति जाहिर की कि भगवान के नाम पर योजना का नाम रखने से भगवान का नाम खराब होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूद केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने से पहले लोगों की करोड़ों की देनदारी को खत्म करने का काम किया है। चौधरी लाल सिंह ने कहा कि पहले केंद्र सरकार ने इंदिरा आवास योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना बना दिया, लेकिन नाम बदलने पर जिन घरों के नींव रखी गई थी उनको आज तक घर बनाने के लिए राशि आवंटित नहीं की गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंकज डोगरा ने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रदर्शन जारी है। उनका कहना है कि मनेरगा अधिनियम के तहत जब केंद्र की हिस्सेदारी 90 फीसदी थी तो इस सरकार ने हजारों लोगों को देनदारी नहीं दी। अब सरकार ने केंद्र की हिस्सेदारी 60 फीसदी कर ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बढ़ाने का काम किया। इस मौके पर मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला प्रभारी हरि सिंह चिंब, समन्वयक शशि शर्मा सहित दर्जनों नेता मौजूद रहे।