प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, अभिभावकों ने उठाई मांग
कठुआ। दसवीं और बारहवीं कक्षाओं की अंतिम परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होने जा रही है। इस शैक्षणिक सत्र में विभिन्न कारणों से जम्मू संभाग के निजी व सरकारी बंद रहे। जिसके चलते प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन और विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों ने कश्मीर की तर्ज पर जम्मू संभाग में भी पाठ्यक्रम में छूट देने की मांग की है।
शनिवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महासचिव सत पाल मंसोत्रा ने शिक्षा मंत्री सहित शिक्षा विभाग से मांग की है कि जम्मू संभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दसवीं और 12वीं की परीक्षाओं में 15 से 20 फीसदी पाठ्यक्रम में कटौती की जाए। उन्होंने बताया कि एक शैक्षणिक सत्र में इन परीक्षाओं का पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए कम से कम 220 दिनों का समय निर्धारित किया जा जाता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से कई कारणों से पाठ्यक्रम पूरा करवाने के लिए पर्याप्त दिन नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधा असर न केवल स्कूल प्रशासन बल्कि विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र के शुरुआत में पहले ऑपरेशन सिंदूर उसके बाद बरसात में भारी बारिश और भूस्खलन और अब ठंंड के चलते स्कूल प्रशासन को उपयुक्त समय नहीं मिल पाया जिससे विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा हो सके। उन्होंने मांग उठाई की है कि अंतिम बोर्ड परीक्षाओं मेें बैठने वाले विद्यार्थियों को भी विंटर जोन के स्कूल की तर्ज पर समर जोन के विद्यार्थियों को छूट मिले। मंसोत्रा ने कहा कि हाल ही विंटर जोन स्कूलों के परिणामों में पाठ्यक्रम कटौती के बाद बेहतर परिणाम सामने आए हैं। लिहाजा जम्मू संभाग के विद्यार्थियों को भी इस तरह की छूट मिलनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने मांग उठाई है कि जब अवकाश के चलते निजी व सरकारी स्कूलों को बंद रखा जाता है तो प्राइवेट कोचिंग देने वाले संस्थानों पर सरकार द्वारा क्यों कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। आखिर वहां भी तो पढ़ने के लिए विद्यार्थी ही जाते है। लिहाजा उनके खिलाफ भी सरकार और शिक्षा विभाग कार्रवाई करे और स्कूलों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त 220 दिन मुहैया करवाए जाएं।