कठुआ। जिला कांग्रेस का मनरेगा का नाम बदलने पर ब्लॉक स्तर पर धरना प्रदर्शन और जनसभाओं का सिलसिला जारी है। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस ने बुद्धि गांव में जनसभा की। इसी कड़ी में कांग्रसियों ने ब्लॉक बरनोटी के बुद्धि गांव में जनसभा कर केंद्र सरकार की आलोचना की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर न केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान किया है बल्कि केंद्र द्वारा योजना के तहत दी जाने वाली 90 फीसदी राशि को घटाकर 60 फीसदी कर देने से ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी बढ़ाने का कार्य कर रही है।
बुद्धि गांव में कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रघुवीर सिंह की अध्यक्षा में किया गया। इसमें जिला अध्यक्ष पंकज डोगरा, पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह, मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला प्रभारी हरि सिंह चिंब, समन्वयक शशि शर्मा सहित दर्जनों नेता मौजूद रहे। कांग्रेसियों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने प्रत्येक बेरोजगार ग्रामीण व्यक्ति के लिए 100 दिन के रोजगार की गारंटी उपलब्ध करवाई थी।
इसमें 90 फीसदी योजना की राशि केंद्र सरकार की ओर से मुहैया करवाई जाती थी। मौजूदा भाजपा सरकार ने मनरेगा योजना को बदलकर कहने को तो रोजगार की गारंटी 125 दिन कर दी है लेकिन राज्यों की योजना के तहत हिस्सेदारी 10 से बढ़कर 40 प्रतिशत कर दी है। कांग्रेसियों ने कहा कि पूर्व में राज्य सरकारें योजना के तहत 10 फीसदी राशि मुहैया नहीं करवा पाती थी और 40 फीसदी का भार राज्यों में डालना कहां की समझदारी है।
इसी का परिणाम है कि वर्ष 2016-17 से लेकर अबतक सिर्फ जिला भर में 400 करोड़ की मजदूरों की देनदारी बकाया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इससे ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी की दर बढ़ेगी और भाजपा सिर्फ चंद उद्योगपतियों को मुनाफ पहुंचाने के लिए देश के लोगों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जी रामजी योजना के नाम के विरोध में नहीं है। भगवान के नाम पर केंद्र सरकार किसी भी योजना का नाम रख सकती है, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम अलग करना भाजपा की सोची समझी साजिश का हिस्सा है।
कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष गांव-गांव जाकर लोगों को लोगों को केंद्र की जन विरोधी नीतियों का पर्दाफाश करेगी। इस मौके पर कांग्रेस नेता रोशन शर्मा, पूर्व सरपंच पवन सिंह, रोबिन शर्मा, परमजीत सिंह पम्मा के अलावा विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष भी मौजूद रहे।