मवेशियों की देखभाल के लिए गोशाला को 265 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से करवाने होंगे जमा
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) ने अमानवीय तरीके से मवेशियों की तस्करी मामले में वाहन मालिक को 35,775 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आदेश के अनुसार जुर्माना राशि संबंधित गोशाला के प्रभारी को जमा करवाना होगा जहां 15 मवेशियों की 9 दिनों तक देखभाल की है।
कोर्ट ने वाहन के मालिक को प्रत्येक मवेशी की देखभाल के लिए 265 प्रतिदिन के हिसाब से की़ड़िया गंडयाल गोशाला में जमा करवाने का निर्देश दिया है। कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार चालक मोहम्मद शरीफ पुत्र मिर्जा निवासी रियासी ने कोर्ट में आवेदन देकर पुलिस की ओर से जब्त किए वाहन पंजीकरण जेके19ए-2576 को रिहा करने की अपील की गई। पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार मवेशी तस्करी में संलिप्त वाहन को राजबाग पुलिस ने एक नाका चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया था। इसमें कुल 15 मवेशी अमानवीय तरीके से लदे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत दर्ज किया है।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जब्त वाहन को लंबे समय तक पुलिस थाने में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि वाहन को उसके पंजीकृत मालिक के सुपुर्दनामे पर रिहा करने का फैसला सुनाया और कहा कि बशर्ते वाहन किसी अन्य मामले में संलिप्त न हो। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वाहन की रिहाई से पहले वाहन के मालिक को शपथ पत्र देना होगा कि वह वाहन को न तो बेचेगा न ही उसकी प्रकृति में बदलाव करेगा और आवश्यकता पड़ने पर अदालत या जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा वाहन के मालिक को निर्देश दिया कि प्रति मवेशी की नौ दिनों तक गोशाला में देखभाल और उनके रखरखाव में खर्च गोशाला को अदा करने का निर्देश दिया।