आरोपी के अपराध को स्वीकार करने और पीड़ित व्यक्ति से समझौते के बाद सुनाया फैसला
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चालने के मामले में दोषी को 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला आरोपी के अपराध को स्वीकार करने और पीड़ित व्यक्ति से समझौते के बाद सुनाया है।
कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मामला 11 अक्टूबर 2024 का है। इसमें आरोपी अब्दुल गनी पर लापरवाही से वाहन चलाने से हुई दुर्घटना से जुड़ा हुआ था। इस दुर्घटना में मोहम्मद शफी वानी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद हीरानगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज कर चालान को 22 दिसंबर 2025 को कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने वकील के दो आवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किए। इसमें आरोपी ने बताया कि पीड़ित के साथ बीएनएस की धारा 125 (ए) के तहत अदालत के बाहर समझौता हो गया है। लिहाजा दोनों के बीच हुए समझौते के आधार पर इस अपराध को समाप्त किया जाए। इसके अलावा आरोपी ने बीएनएस की धारा 281 के तहत अपने अपराध के लिए स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाने अपील की।
इसके बाद अदालत ने आरोपी को समझाया कि वह इस अपराध को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। लिहाजा आरोपी को फैसले पर विचार करने का पर्याप्त समय दिया गया लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए उस पर 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसे आरोपी ने मौके पर ही अदा कर दिया और अदालत ने मामले का निपटारा कर दिया।