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Kathua News: बिना योजना अधिकारियों के चल रहीं योजनाएं, सात में से छह पद खाली

Wed, 07 Jan 2026 01:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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कठुआ। जिले भर में बिना शिक्षा योजना अधिकारियों के ही योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। इसकी तस्दीक सात जोनल शिक्षा योजना पदों पर सिर्फ एक ही योजना अधिकारी की स्थायी तौर पर नियुक्ति है।
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शेष छह पदों पर लंबे समय से अस्थायी तौर पर नजदीक स्कूल के हेडमास्टर को प्रभारी बनाकर काम लिया जा रहा है जबकि जोनल योजना शिक्षा अधिकारी (जेडईपीओ) का पद बीते 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत होने के चलते खाली पड़ा है।
जिले भर में कुल 1250 स्कूलों के ढांचागत विकास के लिए कुल सात योजना अधिकारियों के पद का सृजन किया गया है लेकिन कभी सभी जोनों पर एक साथ सभी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं देखी गई। जानकारी के मुताबिक हीरानगर जोनल योजना शिक्षा अधिकारी का पद बीते मार्च 2025 से रिक्त पड़ा हुआ है। यह सारे पद समय-समय पर सेवानिवृत्ति के चलते खाली हुए हैं। दरअसल इन पदों को खाली होने की वजह सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से समय पर मास्टर ग्रेड शिक्षकों की पदोन्नति न करना है। वर्तमान में कुल सात पदों में से चार पद पहाड़ी क्षेत्र बिलावर, बनी, बसोहली और मल्हार का है। इसमें सिर्फ मल्हार में स्थायी तौर पर योजना अधिकारी का पद भरा हुआ है जबकि तीन मैदानी इलाकों कठुआ, बरोटी और हीरानगर के पद भी खाली पड़े हुए हैं।
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मास्टर ग्रेड को समय रहते पदोन्नति न देने से खाली पड़े हैं शिक्षा विभाग में पद : दरअसल, जोनल शिक्षा योजना अधिकारी का पद हेडमास्टर स्तर का होता है। इसको भरने के लिए शिक्षा विभाग को समय रहते विभाग पदोन्नति समिति बैठक कर मास्टर ग्रेड को पदोन्नति देकर हेडमास्टर बनाना होता है। संबंधित विभाग की ओर से समय पर पदोन्नति न होने से जिले भर में योजना अधिकारियों के पद नहीं भरे जा रहे हैं। इसका खामियाजा चार दर्जन हाई स्कूलों को भुगतना पड़ा रहा है। जहां स्थायी तौर पर हेडमास्टर के पद भी रिक्त पड़े हुए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगर कहीं मास्टर ग्रेड की पदोन्नति की भी गई है तो उनका सेवानिवृत होने के कुछ ही महीनों का समय बचा होता है। ऐसे में वे जोनल योजना और शिक्षा का पद लेने के लिए इनकार कर देता है। अगर विभाग समय रहते पदोन्नति करे तो इन पदों को स्थायी तौर से एक से दो साल तक भरा जा सकता है।
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