मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को ओबीसी समाज की समस्याओं की जानकारी देते विधायक डॉ. भारत भूषण। स्रोत
कठुआ। शहर क्षेत्र में रहने वाले ओबीसी समाज की कुछ जातियों को ओबीसी प्रमाण पत्र न दिए जाने का मुद्दा विधायक डॉ. भारत भूषण ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के समक्ष उठाया है। जम्मू स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात कर उन्हें इस समस्या से अवगत समाधान किए जाने की मांग की है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात में उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जम्मू-कश्मीर की कुल जनसंख्या में ओबीसी वर्ग का हिस्सा 11.4 प्रतिशत है और यह वर्ग प्रदेश के विकास और प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। बावजूद इसके पिछले तीन वर्षों से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ओबीसी युवाओं को सरकारी नौकरियों और सशस्त्र बलों में आवेदन करने का अवसर नहीं मिल रहा है। कारण यह है कि कुम्हार, धोबी, तेली आदि जातियों के लिए ओबीसी प्रमाणपत्र संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी नहीं किए जा रहे हैं। इस वजह से हजारों शिक्षित युवा रोजगार और नियुक्तियों से वंचित हो रहे हैं।
डॉ. भूषण ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस गंभीर मुद्दे को केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के समक्ष उठाया जाए ताकि शहरी क्षेत्रों के ओबीसी युवाओं को पुनः आरक्षण का लाभ मिल सके और वे शिक्षा व सेवाओं में समान अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधायक को आश्वासन दिया कि इस मामले को संबंधित मंत्रालय और अधिकारियों के साथ उठाया जाएगा ताकि समस्या का समाधान हो सके।