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Kathua News: एक दशक बाद भी जंगलोट एनटीपीएचसी को नहीं मिली इमारत

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कठुआ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एनटीपीएचसी) जंगलोट को एक दशक बीते जाने के बाद भी इमारत नहीं मिली है। इसके चलते फार्मासिस्ट सहित दो चिकित्सा अधिकारी दो कमरों में ही सेवाएं देने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर 10 हजार की आबादी वाली दो पंचायतों सहित आसपास के अन्य गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
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वर्ष 2012-13 में सब-सेंटर जंगलोट का दर्जा बढ़ाकर स्वास्थ्य विभाग ने इसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो बना दिया, लेकिन एक दशक बीते जाने के बाद भी इसे इमारत नहीं मिल पाई है। वर्तमान में संबंधित विभाग द्वारा एक आयुष चिकित्सा अधिकारी और एक एलोपैथी चिकित्सा अधिकारी तो एनटीपीएचसी में तैनात कर दिए हैं, लेकिन इन चिकित्सकों को जगह की कमी के चलते सेवाएं देने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक साथ चार से पांच मरीज इकट्ठा इलाज के लिए अस्पताल में आ जाए तो उनके बैठने के लिए वहां कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। सबसे ज्यादा मुश्किल टीकाकरण के समय आती है। जब एक साथ गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे टीकाकरण करवाने के लिए एनटीपीएचसी में पहुंच जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को देखते हुए पंचायत की तरफ पीएचसी के भीतर मरीजों के बैठने के लिए शेड की व्यवस्था की गई है, जोकि पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द अस्पताल की इमारत का निर्माण किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
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कोट
एनटीपीएचसी इमारत निर्माण को लेकर कई बार स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन इसमें अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। हालांकि गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया था कि जल्द इसका निर्माण करवाया जाएगा। क्या वजह रही कि अभी तक एनटीपीएचसी इमारत का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, इसको लेकर जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की जाएगी।
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-रघुनंदन सिंह, उपाध्यक्ष जिला विकास परिषद
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