कठुआ। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती गर्मी और लू के चलते शहर में लगातार तरबूज की मांग बढ़ती जा रही है। लोग लू से बचने के लिए तरल पदार्थों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में तरबूज खरीद रहे हैं, ताकि लू से बचाव हो सके। पिछले चार दिनों से लगातार पारा 40 डिग्री सेल्सियस को छूने के साथ तरबूज की बिक्री में चार गुणा इजाफा देखा गया है। वहीं, इसके दामों में लगातार कमी आ रही है। वहीं, कठुआ में तरबूज की तीन से चार किस्मों की ही ज्यादा बिक्री होती है। जो पंजाब की तरफ रावी दरिया के किनारे उगाई जाती है और फसल इस समय अपने पूरे उफान पर है। इसके चलते दाम में कुछ हद तक कमी देखी जा रही है।
शहर में फ्रूट एंड वेजिटेबल मार्केट के थोक विक्रेताओं के अनुसार, पिछले चार दिनों से तरबूज की मांग 16 से 18 टन हो गई है। जो पिछले सप्ताह मौसम में आए परिवर्तन के कारण पांच से छह टन के बीच रह गई थी। चार दिनों से न केवल फल और सब्जी बेचने वाले दुकानदार, बल्कि शहरवासी भी खुद मंडी में आकर तरबूज की खरीददारी कर रहे हैं। पिछले सप्ताह प्रति क्विंटल तरबूज की कीमत जहां 14 सौ से 15 सौ के बीच थी। वह पिछले चार दिनों से 11 सौ से 12 सौ के बीच आ गई है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि अभी मंडी में लोकल तरबूज भी आना शुरू हो गया है, लेकिन इसकी मात्रा बहुत ही कम है। आने वाले दिनों में लोकल तरबूज भी मंडी में पहुंचना शुरू हो जाएगा। इससे इनकी कीमतों में और ज्यादा गिरावट आने की उम्मीद है। उनका कहना है कि वर्तमान में ज्यादातर तरबूज पंजाब से आ रहा है। पंजाब में रावी के किनारे बड़ी मात्रा में किसान तरबूज की खेती करते हैं। जो इस समय अपने उफान पर है। इसके चलते इसके दाम में कमी आई है। थोक विक्रेता के अनुसार, भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और उस समय मौसम में बदलाव के चलते 7 मई से 12 मई तक तरबूज की बहुत कम बिक्री हुई, लेकिन उस समय कीमतें अच्छी थीं। प्रति क्विंटल तरबूज 14 सौ से 15 सौ क्विंटल कीमत पर बेचा जा रहा था।