दस लाख की लागत से बना शौचालय बंद पड़ा
- फोटो : kathua news
कठुआ। औद्योगिक क्षेत्र गोविंदसर में मजदूरों के लिए बनाए गए सामुदायिक शौचालय पर पिछले दो सालों से ताला लटक रहा है। लगभग 10 लाख की लागत से बने शौचालय की रखरखाव की कोई व्यवस्था न होने से ये बंद पड़ा है। इसका निर्माण कार्य राज्य औद्योगिक विकास निगम (सिडको) की ओर से करवाया गया है।
रेलवे रोड स्थित जेकेईएसआईएस डिस्पेंसरी के नजदीक बनाया गया सामुदायिक शौचालय कार्यात्मक होने से पहले ही खंडहर हो चुका है। दो साल पूर्व निर्माण किए गए शौचालय की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उस पर लिखा नाम ही मिट गया है। वहीं, स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अगर औद्योगिक विकास निगम की ओर से मजदूरों को कोई सुविधा दी गई थी तो उसे कार्यात्मक बनाया जाना चाहिए था।
दुकानदार सुनील शर्मा का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों के अलावा हर दिन सैकड़ों मजदूर लेबर विभाग की ओर स्थापित डिस्पेंसरी में इलाज करवाने के लिए आते हैं। नवनिर्मित शौचालय के बंद होने से मजदूरों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। वास्तव में सिडको ने शौचालय का निर्माण तो करवा दिया लेकिन अभी तक उसके रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते नवनिर्मित शौचालय बंद पड़ा हुआ है। वहीं, दुकानदार जाकिर हुसैन का कहना है कि पचास साल पहले स्थापित किए गए औद्योगिक क्षेत्र में पहली बार मजदूरों और स्थानीय दुकानदारों के लिए शौचालय निर्माण करवाया गया था। लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते अभी भी मजदूर सुविधा से वंचित हैं। निगम को चाहिए कि इसे जल्द ही कार्यात्मक बनाया जाए।