नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर कार्यक्रम में युवक ने जताया विरोध
समारोह स्थल के बाहर जम्मू के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का पोस्टर लेकर अन्य युवाओं ने भी की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के कार्यक्रम के दौरान हीरानगर में वीरवार को हंगामा हो गया। हीरानगर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिए जाने की मांग को लेकर युवा वकील कार्यक्रम में पहुंचा और पोस्ट दिखाने के साथ ही विरोध और नारेबाजी भी की। उपमुख्यमंत्री ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताया। उन्होंने डीजीपी से मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, नेशनल कांफ्रेंस की ओर से हीरानगर के सूबा चक के निजी पैलेस में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन का आयोजन किया गया था। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी इस कार्यक्रम के बाद कठुआ में भी पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करने वाले थे। हीरानगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच के पास ही बैठा युवक अचानक उठ खड़ा हुआ और उपमुख्यमंत्री से सवाल करने लगा। युवा एडवोकेट केतन कुमार ने उपमुख्यमंत्री से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की हीरानगर में घोषणा करने की मांग की और अपना रुख स्पष्ट करने को भी कहा।
पुलिस ने युवक को समारोह स्थल से बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दौरान उसने उपमुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगा दिए। युवक ने अपने अन्य साथियों के साथ समारोह स्थल के बाहर भी पोस्टर लेकर विरोध किया। पुलिस ने रोकने की भी कोशिश की। समारोह पूरा हुआ तो उपमुख्यमंत्री बाहर निकलकर युवाओं से बात करने के लिए गए तो तीखी बहसबाजी हो गई। उपमुख्यमंत्री ने युवक की बदमिजाजी को लेकर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए।
उपमुख्यमंत्री बोले - उन पर हमले की थी साजिश, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कठुआ। हीरानगर में विरोध को लेकर उपमुख्यमंत्री ने पुलिस की सुरक्षा प्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि विरोध करने वाला लॉ का छात्र है। उसका कहने का तरीका गलत था। उन्होंने आरोप लगाए कि हंगामा के पीछे थाना प्रभारी और डीएसपी की साजिश लग रही थी। समारोह स्थल पर स्कैनर नहीं लगाया गया। कहा कि हंगामा करने वाले को थाने ले जाना चाहिए।
उन्होंने डीजीपी से कहा कि थाना प्रभारी और डीएसपी पर कार्रवाई की जाए। उपमुख्यमंत्री ने हीरानगर पुलिस पर अवैध खनन में संलिप्त होने की बात भी कही। कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर पहले भी हमला हो चुका है और इस तरह की लापरवाही सुरक्षा में चूक थी। उन्होंने कहा कि युवक को अपनी मांग डीसी से करनी चाहिए थी। आरोप लगाया कि ऐसा लग रहा है कि प्रदेश की पुलिस नहीं चाहती कि प्रदेश के मंत्री कहीं आए जाएं। इसीलिए हम जम्मू कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की मांग कर रहे हैं।