नई व्यवस्था कठुआ में लागू करने के लिए काम हुआ शुरू
स्मार्ट मीटर मोबाइल नंबरों के साथ किए जा रहे लिंक
जिले में 53 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य किया जा चुका है पूरा
जिले में सितंबर से पहले कुल एक लाख 8 हजार 56 स्मार्ट मीटर लगाने का है लक्ष्य
खास खबर
साहिल खजूरिया
कठुआ। जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेपीडीसीएल) ने कठुआ जिले में स्मार्ट मीटरों को जल्द प्रीपेड व्यवस्था में बदलने के लिए प्रक्रिया का पहला चरण शुरू कर दिया है। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह रिचार्ज कर बिजली उपयोग करने की सुविधा मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों को स्मार्ट मीटरों से लिंक किया जा रहा है ताकि उन्हें रिचार्ज, बैलेंस और खपत की जानकारी समय-समय पर मिल सके। कठुआ जिले में अब तक 53 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। सितंबर से पहले कुल एक लाख 8 हजार 56 स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रक्रिया मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। प्रीपेड उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दिए जाने का प्रावधान भी बताया जा रहा है। इसके अलावा सूत्रों की मानें तो समय पर बैलेंस न रखने पर 1.5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। अग्रिम भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी दिए जाएंगे।
विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रीपेड स्मार्ट मीटर मोबाइल फोन की तरह काम करते हैं। उपभोक्ता पहले से रिचार्ज कर सकते हैं और उनकी दैनिक खपत खुद बैलेंस से कटती रहती है। इससे उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर वास्तविक समय में नजर रख सकते हैं और बजट को नियंत्रित कर सकते हैं। बाकायदा इस व्यवस्था में उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे टॉप-अप की सुविधा भी मिलेगी और ऑनलाइन डेटा उपलब्ध रहेगा।
जम्मू-कश्मीर में बिजली वितरण को आधुनिक बनाने और चोरी व राजस्व हानि को रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का कदम उठाया गया है। इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शिता, नियंत्रण और बचत का लाभ मिलेगा। वहीं विभाग को अधिक कुशल और टिकाऊ ऊर्जा वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। कठुआ जिले में अबतक जिन फीडरों पर स्मार्ट मीटरिंग की गई है वहां राजस्व में बढ़ोतरी के साथ साथ बिजली लाइन में होने वाले घाटे भी 60 फीसदी से घटाकर अब 15 फीसदी से कम किए जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि 100 फीसदी स्मार्ट मीटर वाले इलाकों में बिजली की कटौती को कम से कम कर दिया जाएगा।
कोट
जिले में 53 फीसदी स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। फिलहाल स्मार्ट मीटरों को गो लाइव प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता के फोन नंबरों से लिंक किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में प्री पेड प्रणाली को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा। ताकि उपभोक्ताओं तक आने वाले संदेश सीधा उनके फोन तक पहुंचे और किसी भी जानकारी से वे वंचित न रहें।
- मोहम्मद शफी, कार्यकारी अभियंता, बिजली विभाग